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पटना में ये क्या हुआ ? प्रेग्नेंट महिला को पुलिस ने स्कूटी से घसीटा

पटना के मरीन ड्राइव पर कुछ दिन पहले जो हुआ, उसे देखकर आपका खून खौल जाएगा। एक गर्भवती महिला को पुलिस ने कैसे दर्द से भर दिया, ये सवाल अब पूरे बिहार में गूंज रहा है। यही वजह है कि इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर बहुत बवाल मचा हुआ है और राजनीतिक पार्टियां भी सड़कों पर उतर आई हैं।

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क्या हुआ उस सोमवार की शाम?

पटना के मरीन ड्राइव पर एक साधारण सी घटना ने भयानक रूप ले लिया। एक गर्भवती महिला अपने पति के साथ शाम को घूमने के लिए मरीन ड्राइव गई थी। जब घूमकर लौटने का समय हुआ, तो उन्हें यूटर्न लेना था, जो काफी दूर था। इसलिए दोनों स्कूटी को धक्का देते हुए गलत तरफ से ही वापसी का रास्ता अपना लिए।

बस यहीं से शुरू हुई परेशानी।

एक पुलिसकर्मी ने उन्हें रोका। पहले तो पुलिस ने गलत तरफ से आने पर नाराजगी दिखाई। फिर जब स्कूटी की जांच हुई, तो पता चला कि इसमें पहले से काफी सारे पेंडिंग चालान हैं। पुलिसकर्मी ने स्कूटी जब्त करने की बात कही और उसे थाने में ले जाने के लिए तैयार हो गए।

51 सेकंड का वो हाईवोल्टेज ड्रामा

वायरल हुए वीडियो में जो नजारा दिखता है, वह किसी के मन को तोड़ देने वाला है। पुलिसकर्मी स्कूटी पर बैठते हैं और स्टार्ट करके आगे बढ़ाने की कोशिश करते हैं। तभी गर्भवती महिला बार-बार चिल्लाती है – “भैया, मैं प्रेग्नेंट हूं… ऐसा मत कीजिए… मेरे ऊपर मत चढ़ाइए…”

लेकिन पुलिस की सुनवाई नहीं हुई। स्कूटी आगे बढ़ती गई और महिला को भी अपने साथ खींच लिया।

महिला ने स्कूटी के सामने आकर उसे रोकने की कोशिश की। उसने बार-बार कहा कि वह प्रेग्नेंट है, लेकिन पुलिस ने कोई ध्यान नहीं दिया। महिला के अनुसार, स्कूटी का बंपर उसके पेट में जोर से लगा। वीडियो में साफ दिखता है कि वह लगभग 20 मीटर तक स्कूटी के साथ लटकी रहती है – अपने पेट को बचाने की कोशिश करते हुए, दर्द से चिल्लाती हुई।

जब महिला की हालत बहुत बिगड़ने लगी, तब पुलिसकर्मी ने स्कूटी रोकी। आसपास मौजूद लोग पूरे समय इस भयानक नजारे को देख रहे थे। कई लोगों ने अपने फोन से वीडियो बना लिया।

सड़क पर हुई बहस, फिर थाना चल गया

वायरल होने वाले वीडियो में आप देख सकते हैं कि स्कूटी रुकने के बाद सड़क पर बहस शुरू हुई। महिला पुलिसकर्मी से न जाने क्या-क्या सवाल पूछ रहे थे। उसका पति वहीं खड़ा था। आसपास के लोग भी इकट्ठा हो गए। सब कुछ ने एक अजीब दृश्य बना दिया।

कुछ समय बाद, पुलिस ने महिला को स्कूटी पर बैठा लिया और उसे अपने साथ थाने ले गया। महिला का पति पैदल-पैदल उसके पीछे चला आया।

थाने में क्या हुआ?

यह जो बताया जा रहा है, वह वाकई दिलचस्प और थोड़ा अलग ही है। थाने पहुंचकर जब यह कपल पुलिस के सामने खड़े हुए, तो उन्होंने पुलिस से एक विनती की। उन्होंने कहा कि वे दोबारा ऐसी कोई गलती नहीं करेंगे। उन्होंने वादा किया कि जो पेंडिंग चालान हैं, वह 15 दिनों के अंदर भर देंगे।

क्या पता पुलिस को उनकी बातों से तरस आ गया, या फिर दूसरी कोई वजह रहई हो – पर पुलिस ने उन्हें और स्कूटी दोनों को छोड़ दिया। बस, ये ही तो है – गलती स्वीकार की, वादा किया, रिहा हो गए।

सोशल मीडिया पर आग लग गई

लेकिन इस बीच वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका था। यूट्यूब से लेकर इंस्टाग्राम, हर जगह इसी का चर्चा था। इंडियन यूथ कांग्रेस ने तो सीधे-सीधे इसे राजनीतिक मुद्दा बना दिया। उन्होंने सरकार पर सवाल उठाए। विपक्ष के नेताओं ने पुलिस पर अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप लगाया।

यह सवाल उठा – क्या एक प्रेग्नेंट महिला के साथ ऐसा करना सही है? क्या पुलिस को अपनी शक्ति का यूं दुरुपयोग करना चाहिए? क्या कानून को लागू करते समय मानवीयता को भूल जाना चाहिए?

सवाल अभी खुले हैं

इस घटना के बाद पटना पुलिस ने कहा है कि वह इस मामले की जांच कर रही है। लेकिन सवाल ये है – कितनी सख्ती से? क्या कार्रवाई होगी? नियमों का पालन तो होना चाहिए, लेकिन क्या इसके लिए किसी गर्भवती महिला को घसीटा जाए?

बहुत से लोगों ने सवाल उठाया कि पुलिस को ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए था। कानून तोड़ने वाले को भी तो सम्मान के साथ रोका जा सकता है। खासकर तब, जब उस व्यक्ति को कोई शारीरिक समस्या हो – जैसे गर्भावस्था।

क्या सीख मिली?

इस पूरी घटना से एक बात तो साफ है – यदि कोई महिला प्रेग्नेंट है, तो उसे किसी भी परिस्थिति में खतरे में नहीं डाला जाना चाहिए। चाहे वह नियम तोड़ रही हो या फिर कुछ और कर रही हो। पुलिस को अपनी शक्ति का इस्तेमाल जिम्मेदारी से करना चाहिए।

दूसरी बात, इस कपल ने जब पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया और अपनी गलती स्वीकार की, तो पुलिस को उसी वक्त समझदारी दिखानी चाहिए थी। न कि किसी को घसीटना चाहिए था।

बिहार की सड़कों पर जो हो रहा है, यह सब देख रहे हैं। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जो बातें कही जाती हैं, वह सब यहीं से शुरू होती हैं – पुलिस के रवैये से, उनकी संवेदनशीलता से। आशा है कि इस घटना के बाद पुलिस भी अपना चिंतन करेगी और भविष्य में ऐसा कुछ नहीं होगा।

याद रखें – नियम जरूरी हैं, लेकिन इंसानियत उससे भी जरूरी है।

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