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बिहार CCTNS नागरिक सेवा पोर्टल 2025: ऑनलाइन FIR, शिकायत और वेरिफिकेशन की पूरी जानकारी

बिहार में अब पुलिसिंग का तरीका पूरी तरह बदल चुका है। अब आपको छोटी-छोटी जरूरतों जैसे शिकायत दर्ज करने या वेरिफिकेशन के लिए बार-बार पुलिस स्टेशन के चक्कर लगाने की ज़रूरत नहीं है। 6 दिसंबर 2025 को बिहार के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार CCTNS नागरिक सेवा पोर्टल और मोबाइल ऐप का विस्तार कर इसे आम जनता के लिए और भी आसान बना दिया है।

इस लेख में हम जानेंगे कि आप इस पोर्टल का लाभ कैसे उठा सकते हैं, रजिस्ट्रेशन कैसे करें और कौन-कौन सी सेवाएँ यहाँ ऑनलाइन उपलब्ध हैं।

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बिहार CCTNS पोर्टल क्या है? (What is Bihar CCTNS?)

CCTNS का मतलब है ‘Crime and Criminal Tracking Network and Systems’। यह एक ऐसी डिजिटल प्रणाली है जो पूरे राज्य के पुलिस स्टेशनों को एक नेटवर्क से जोड़ती है। बिहार का नागरिक सेवा पोर्टल (citizenservicesportal.bihar.gov.in) इसी का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ के जरिए जनता को पारदर्शी और तेज़ सेवाएँ देना है।

पोर्टल पर उपलब्ध मुख्य सेवाएँ

इस पोर्टल को दो हिस्सों में बाँटा गया है:

1. बिना लॉगिन के मिलने वाली सेवाएँ (Public Services)

  • FIR की कॉपी: आप अपनी एफआईआर (प्राथमिकी) की डिजिटल कॉपी देख और डाउनलोड कर सकते हैं।
  • इनामी अपराधी: राज्य के घोषित अपराधियों और उन पर रखे गए इनाम की जानकारी।
  • गुप्त सूचना: अगर आपको किसी अपराध या संदिग्ध गतिविधि का पता है, तो आप गुप्त रूप से पुलिस को सूचित कर सकते हैं।

2. लॉगिन के बाद मिलने वाली सेवाएँ (Login Services)

  • ई-शिकायत (e-Complaint): किसी भी आपराधिक घटना की ऑनलाइन रिपोर्ट।
  • खोई हुई संपत्ति: मोबाइल, पर्स या दस्तावेज़ खोने पर ‘सनहा’ दर्ज करना।
  • चरित्र सत्यापन (Character Verification): नौकरी, पासपोर्ट या रेंटल वेरिफिकेशन के लिए।
  • लापता व्यक्ति: अपने किसी परिजन के लापता होने की जानकारी देना और राष्ट्रीय डेटाबेस में खोजना।
  • वरिष्ठ नागरिक पंजीकरण: अकेले रहने वाले बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए विशेष सुविधा।

पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कैसे करें?

ऑनलाइन सेवाओं का लाभ लेने के लिए आपको एक बार रजिस्ट्रेशन करना होगा:

  1. आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ: सबसे पहले citizenservicesportal.bihar.gov.in पर जाएँ।
  2. पंजीकरण (Registration) चुनें: होमपेज पर ‘पंजीकरण’ टैब पर क्लिक करें।
  3. अपनी जानकारी भरें: अपना नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल और अपने किसी रिश्तेदार (पिता/पति/माता) का नाम दर्ज करें।
  4. पासवर्ड बनाएँ: पासवर्ड बनाते समय इन नियमों का ध्यान रखें (8 से 12 अक्षर, एक छोटा अक्षर (a-z), एक नंबर (0-9) और एक स्पेशल कैरेक्टर जैसे @, $, * होना ज़रूरी है)।
  5. OTP वेरिफिकेशन: आपके मोबाइल पर आए ओटीपी को दर्ज करें और ‘मेरा खाता बनाएँ’ पर क्लिक करें।

चरित्र प्रमाण पत्र (Character Certificate) और RTPS

बिहार में चरित्र प्रमाण पत्र के लिए आवेदन CCTNS पोर्टल के माध्यम से या सीधे RTPS (ServicePlus) पोर्टल (serviceonline.bihar.gov.in) पर जाकर किया जा सकता है।

  • ज़रूरी दस्तावेज़: आधार कार्ड, पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र और एक हालिया फोटो।
  • प्रक्रिया: आवेदन के बाद पुलिस आपके पते पर आकर या फोन के जरिए भौतिक सत्यापन (Physical Verification) करती है। इसके बाद आपका डिजिटल सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाता है जिसे आप डाउनलोड कर सकते हैं।

पुलिस शिकायत (Complaint) और FIR में क्या अंतर है?

अक्सर लोग भ्रमित रहते हैं कि शिकायत और एफआईआर एक ही हैं, लेकिन इनमें कानूनी अंतर है:

विशेषतापुलिस शिकायत (Complaint)प्राथमिकी (FIR)
प्रकारयह एक शुरुआती सूचना है।यह गंभीर (संज्ञेय) अपराधों के लिए होती है।
जांचपुलिस पहले जांच करती है, फिर एक्शन लेती है।एफआईआर होते ही जांच अनिवार्य हो जाती है।
कानूनी दर्जाइसे वापस लिया जा सकता है।इसे रद्द करने के लिए कोर्ट जाना पड़ता है।
परिणामऑनलाइन शिकायत सही पाए जाने पर ही एफआईआर में बदलती है।यह सीधे कानूनी कार्यवाही की शुरुआत है।

बिहार पुलिस मोबाइल ऐप और ‘अभय ब्रिगेड’

दिसंबर 2025 में लॉन्च किया गया नया ऐप अब पहले से ज़्यादा सुरक्षित है। इसमें SOS बटन दिया गया है, जिसे दबाते ही आपकी लोकेशन और संकट का संकेत कंट्रोल रूम तक पहुँच जाता है। इसके अलावा, महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा के लिए ‘अभय ब्रिगेड’ नाम की विशेष टीम बनाई गई है, जो स्कूल-कॉलेज और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सक्रिय रहती है।

सहायता और हेल्पलाइन नंबर

किसी भी आपात स्थिति या तकनीकी मदद के लिए आप इन नंबरों का उपयोग कर सकते हैं:

  • आपातकालीन सेवा (ERSS): 112 (24×7 उपलब्ध)
  • साइबर क्राइम हेल्पलाइन: 1930
  • मद्यनिषेध हेल्पलाइन: 15545
  • पुलिस हेल्पलाइन (पटना): 0612-2294318 / 2294319

बिहार CCTNS नागरिक सेवा पोर्टल राज्य की कानून व्यवस्था को जनता के करीब लाने का एक सराहनीय प्रयास है। यह न केवल समय और पैसे बचाता है, बल्कि सिस्टम में पारदर्शिता भी लाता है। अगर आपने अभी तक इस पर अपना खाता नहीं बनाया है, तो आज ही रजिस्ट्रेशन करें और डिजिटल बिहार का हिस्सा बनें।

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