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राजगीर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम: बिहार क्रिकेट के नए ‘सिडनी’ में अगले सीजन से गूंजेगा रणजी का शोर

बिहार के क्रिकेट प्रेमियों और खिलाड़ियों के लिए वह सपना अब सच होने जा रहा है जिसका इंतज़ार दशकों से था। बिहार के ऐतिहासिक शहर राजगीर में बना राजगीर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम अब राज्य में क्रिकेट की नई पहचान बनने के लिए तैयार है। सबसे बड़ी खबर यह है कि अगले घरेलू सीजन (2026-27) से बिहार के रणजी ट्रॉफी मैच इसी भव्य स्टेडियम में खेले जाएंगे। यह कदम न केवल बिहार क्रिकेट के स्तर को ऊपर उठाएगा, बल्कि इसे अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर भी मजबूती से स्थापित करेगा।

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AI Image

राजगीर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम रणजी ट्रॉफी

अभी तक बिहार की टीम अपने घरेलू मैच पटना के मोइन-उल-हक स्टेडियम में खेलती रही है, लेकिन अब समय बदलाव का है। 5 अक्टूबर 2025 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा उद्घाटन किए गए इस स्टेडियम में अगले सीजन से प्रथम श्रेणी क्रिकेट की हलचल शुरू हो जाएगी।

प्रशासन ने फैसला लिया है कि अंतरराष्ट्रीय या आईपीएल मैचों की मेजबानी से पहले यहाँ घरेलू मैच कराए जाएं। इसके पीछे एक वैज्ञानिक सोच है—अधिकारी चाहते हैं कि रणजी मैचों के दौरान पिच और आउटफील्ड के व्यवहार को बारीकी से समझा जाए। स्थानीय जलवायु में गेंद कितनी बाउंस होगी, स्पिनर्स को कितनी मदद मिलेगी और आउटफील्ड की रफ्तार क्या होगी, इन सबका डेटा बीसीसीआई (BCCI) को अंतिम मूल्यांकन में मदद करेगा।

सिडनी के डिजाइन वाली भव्यता

राजगीर का यह स्टेडियम कोई साधारण मैदान नहीं है। इसका आर्किटेक्चर मशहूर सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (SCG) से प्रेरित है । लगभग 90 से 98 एकड़ में फैले इस खेल परिसर के भीतर बने स्टेडियम की क्षमता 45,000 दर्शकों की है । यहाँ 3,000 वीवीआईपी मेहमानों के लिए खास बैठने की व्यवस्था की गई है ।   

स्टेडियम का पवेलियन पाँच मंजिला (G+5) है, जिसमें खिलाड़ियों के लिए जिम, सौना बाथ, रिकवरी ज़ोन और आधुनिक ड्रेसिंग रूम जैसी पांच-सितारा सुविधाएं मौजूद हैं । यहाँ की सीधी बाउंड्री (Straight Boundary) 74 मीटर की है, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के बिल्कुल अनुरूप है ।   

मिट्टी का विज्ञान और 13 पिचें

इस स्टेडियम की सबसे बड़ी तकनीकी खूबी यहाँ की पिचें हैं। यहाँ कुल 13 पिचें तैयार की गई हैं, ताकि खिलाड़ियों को अलग-अलग परिस्थितियों में अभ्यास का मौका मिल सके ।   

  • लाल मिट्टी की पिचें: महाराष्ट्र से मंगवाई गई विशेष लाल मिट्टी से 6 मुख्य पिचें बनाई गई हैं, जो तेज गेंदबाजों को अच्छी उछाल और रफ्तार प्रदान करेंगी ।   
  • काली मिट्टी की पिचें: बिहार के मोकामा क्षेत्र की काली मिट्टी से 7 पिचें तैयार की गई हैं, जो स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार साबित होंगी ।   

बरसात के मौसम में भी खेल बाधित न हो, इसके लिए यहाँ अत्याधुनिक ‘ड्रेनेज सिस्टम’ लगाया गया है जो मैदान से पानी को बहुत तेजी से बाहर निकाल देता है।

खेल और शिक्षा का संगम: बिहार स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी

राजगीर स्टेडियम केवल मैचों के लिए नहीं, बल्कि खिलाड़ियों को तराशने के लिए भी बनाया गया है। इसी परिसर में बिहार खेल विश्वविद्यालय (Bihar Sports University) स्थित है, जिसे यूजीसी (UGC) से मान्यता मिल चुकी है । यह विश्वविद्यालय शारीरिक शिक्षा और खेल विज्ञान में डिग्री और डिप्लोमा कोर्स प्रदान करेगा। विशेष रूप से, यहाँ क्रिकेट कोचिंग में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा (PGD) शुरू किया गया है, ताकि राज्य को उच्च स्तर के कोच मिल सकें।   

बुनियादी ढांचा और पर्यटन को बढ़ावा

राजगीर को ‘स्पोर्ट्स टूरिज्म’ का हब बनाने के लिए सरकार बड़े स्तर पर निवेश कर रही है।

  1. होटल और आवास: बीसीसीआई और अंतरराष्ट्रीय टीमों की जरूरतों को पूरा करने के लिए राजगीर में दो फाइव-स्टार होटल बनाने की मंजूरी मिल चुकी है ।   
  2. कनेक्टिविटी: स्टेडियम तक पहुँचने के लिए ₹363.99 करोड़ की लागत से फोर-लेन सड़क और रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण किया जा रहा है ।   
  3. हवाई अड्डा: राजगीर में जल्द ही एक नया हवाई अड्डा बनाने की भी योजना है, ताकि अंतरराष्ट्रीय टीमें सीधे यहाँ उतर सकें ।   

बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) की नई जिम्मेदारी

बिहार सरकार ने इस स्टेडियम के रखरखाव और संचालन की जिम्मेदारी बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) को सौंपने का निर्णय लिया है। बीसीए अध्यक्ष राकेश तिवारी ने इसे राज्य के क्रिकेट इतिहास का ‘स्वर्णिम अध्याय’ बताया है। एसोसिएशन का मानना है कि इस विश्व स्तरीय मैदान पर खेलने से वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकने का मौका मिलेगा।

राजगीर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम केवल कंक्रीट और घास का मैदान नहीं है, बल्कि यह बिहार के लाखों युवाओं की उम्मीदों का प्रतीक है। 2026-27 के रणजी सीजन के साथ शुरू होने वाला यह सफर बहुत जल्द अंतरराष्ट्रीय मैचों और आईपीएल के रोमांच तक पहुँचेगा। अब बिहार के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा; उनका अपना ‘सिडनी’ अब उनके पास है।

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