बिहार की ऐतिहासिक धरती पर कदम रखते ही एक अलग ही रूहानी सुकून मिलता है। “स्वागत अछि” की मधुर गूँज और बोधगया की शांति से लेकर नालंदा के गौरवशाली खंडहरों तक, बिहार का हर कोना एक कहानी कहता है। लेकिन अक्सर पर्यटकों के मन में एक हिचक रहती थी—”वहाँ पहुँचेंगे कैसे?”, “सही गाइड कहाँ मिलेगा?”, या “सुरक्षा का क्या होगा?”
इन्हीं सवालों का जवाब देने और आपकी यात्रा को यादगार बनाने के लिए बिहार सरकार के पर्यटन विभाग ने एक शानदार डिजिटल पहल की है। बिहार पर्यटन के सचिव निलेश रामचंद्र देवरे के नेतृत्व में अब बिहार का पर्यटन पूरी तरह हाई-टेक हो चुका है। विभाग ने ‘Bihar Tourism 2.0.1’ (BT-2.0.1) नाम से एक नया मोबाइल ऐप लॉन्च किया है, जो आपकी जेब में एक पर्सनल ट्रैवल गाइड की तरह काम करेगा ।

Bihar Tourism 2.0.1 APP, 165 मंजिलें: क्या है इसमें खास?
यह ऐप सिर्फ एक साधारण मैप नहीं है। इसे Axeno नाम की एजेंसी ने बेहद आधुनिक तरीके से डिजाइन किया है । इसकी सबसे बड़ी खूबी इसका ‘स्मार्ट नेविगेशन’ और ‘जियोविज़र’ (Geovisor) तकनीक है। यह आपको बिहार के 165 चुनिंदा पर्यटन स्थलों तक पहुँचने का सबसे सटीक रास्ता बताता है । चाहे आप पटना की भीड़-भाड़ वाली गलियों में हों या कैमूर के शांत पहाड़ों के बीच, यह ऐप आपको कभी रास्ता भटकने नहीं देगा ।
ऐप में आपको बिहार के प्रमुख सर्किट जैसे बुद्धिस्ट सर्किट, जैन सर्किट, रामायण सर्किट, सिख सर्किट और सूफी सर्किट की विस्तृत जानकारी मिलेगी । हर स्थल का अपना इतिहास, वहां पहुँचने के साधन और पास के होटलों की पूरी लिस्ट इस पर उपलब्ध है।
आपकी सुरक्षा, सरकार की प्राथमिकता
यात्रा के दौरान सबसे बड़ी चिंता सुरक्षा की होती है। ‘बिहार टूरिज्म 2.0.1’ ऐप में सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। इसमें इमरजेंसी हेल्पडेस्क को सीधे जोड़ा गया है ।
- पुलिस सहायता: 100 / 112
- महिला हेल्पलाइन: 1091
- पर्यटन हेल्पलाइन: +91-612-2217045
- एंबुलेंस: 102 / 108
इसके अलावा, पर्यटकों को ठगी से बचाने के लिए विभाग ने वेरिफाइड टूरिस्ट गाइड्स की एक पूरी सूची ऐप पर डाल दी है । ये गाइड्स न केवल प्रशिक्षित हैं, बल्कि इन्हें व्यवहारिक कुशलता और कई भाषाओं का प्रशिक्षण भी दिया गया है। अब आप बिना किसी डर के बिहार की संस्कृति को करीब से महसूस कर सकते हैं।
सिर्फ जानकारी नहीं, अनुभव भी है नया
बिहार अब सिर्फ पुराने स्मारकों तक सीमित नहीं है। राज्य में लग्जरी कारवां बसों की शुरुआत की गई है, जो “चलते-फिरते फाइव स्टार होटल” जैसी हैं । 75 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से आप अपने परिवार के साथ पूरी प्राइवेसी में सफर कर सकते हैं । साथ ही, अब टिकटों के लिए लंबी लाइनों में लगने की जरूरत नहीं है। ONDC नेटवर्क के माध्यम से आप एएसआई (ASI) के स्मारकों की टिकट ऑनलाइन बुक कर सकते हैं, जिसमें भारतीय पर्यटकों को 5 रुपये की छूट भी मिलती है ।
विभाग ने एक वैज्ञानिक पर्यटक गणना प्रणाली (Scientific Visitor Tracking) भी लागू की है, जिससे यह पता चल सकेगा कि किस स्थल पर कितने पर्यटक आ रहे हैं, ताकि वहां की सुविधाओं को और बेहतर बनाया जा सके ।
निजता का पूरा सम्मान : Bihar Tourism 2.0.1 APP
आज के दौर में डेटा प्राइवेसी एक बड़ा मुद्दा है। अच्छी बात यह है कि इस ऐप को ‘प्राइवेसी-फर्स्ट‘ अप्रोच पर बनाया गया है। डेवलपर के अनुसार, यह ऐप यूजर का कोई भी डेटा कलेक्ट नहीं करता है, जिससे आपकी प्राइवेसी पूरी तरह सुरक्षित रहती है ।
तो फिर कब चल रहे हैं बिहार?
बिहार की लिट्टी-चोखा का स्वाद हो, मधुबनी पेंटिंग की कलाकारी या फिर नालंदा का ज्ञान—बिहार आपको हर कदम पर कुछ नया सिखाता है । ‘Bihar Tourism 2.0.1’ ऐप के साथ अब आपकी यात्रा न केवल आसान बल्कि सुरक्षित और व्यवस्थित भी होगी।
चाहे आप आईओएस (iOS) यूजर हों या एंड्रॉइड (Android), आज ही इस ऐप को डाउनलोड करें और निकल पड़ें एक ऐसी यात्रा पर जहाँ इतिहास और आधुनिकता का अद्भुत संगम आपका इंतजार कर रहा है । यकीन मानिए, “बिहार जैसा कुछ भी नहीं!”

















