Mobile Only Menu
  • Home
  • ब्लॉग
  • बिहार की कामकाजी महिलाओं को बड़ी सौगात: मिशन शक्ति के तहत खुलेंगे 318 नए आंगनबाड़ी-सह-क्रेच केंद्र
Bihar Mission Shakti 318 Creche Centers

बिहार की कामकाजी महिलाओं को बड़ी सौगात: मिशन शक्ति के तहत खुलेंगे 318 नए आंगनबाड़ी-सह-क्रेच केंद्र

बिहार सरकार ने राज्य की कामकाजी माताओं के लिए एक बहुत ही राहत भरी खबर साझा की है। केंद्र सरकार की ‘मिशन शक्ति’ योजना के तहत अब बिहार में 318 नए आंगनबाड़ी-सह-क्रेच (Palna) केंद्र खोले जा रहे हैं । यह फैसला उन महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जो काम या व्यवसाय के कारण अपने छोटे बच्चों की देखभाल को लेकर हमेशा चिंतित रहती हैं। 

  

Bihar Mission Shakti 318 Creche Centers
AI Image

क्या है यह नई योजना और इसका विस्तार?

वर्तमान में बिहार के सभी जिलों में 186 आंगनबाड़ी-सह-क्रेच केंद्र चल रहे हैं, जिनसे लगभग 1,097 बच्चों को रोज फायदा मिल रहा है । अब इन 318 नए केंद्रों के जुड़ने के बाद राज्य में कुल केंद्रों की संख्या बढ़कर 504 हो जाएगी । इस विस्तार से बिहार के लगभग 8,000 से 10,000 अतिरिक्त बच्चों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण मिल सकेगा ।   

केंद्रों की मुख्य सुविधाएं: बच्चों को मिलेगी ‘वीआईपी’ केयर

इन केंद्रों को इस तरह तैयार किया गया है कि बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सके। यहाँ 6 महीने से लेकर 6 साल तक के बच्चों के लिए निम्नलिखित सुविधाएं होंगी:

  1. पोषण और आहार: यहाँ बच्चों को आंगनबाड़ी की तरह ही गरम पका हुआ भोजन, अंडा और दूध दिया जाएगा। साथ ही, शाम के समय उन्हें पौष्टिक स्नैक्स (नाश्ता) भी मिलेगा ।   
  2. सुरक्षित वातावरण: बच्चों के खेलने के लिए खिलौने, आराम करने और दोपहर में सोने के लिए अलग बिस्तर की व्यवस्था की गई है ।   
  3. बाल-सुलभ सुविधाएं: छोटे बच्चों के लिए विशेष बाल-सुलभ शौचालय और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए प्राइवेट स्पेस की व्यवस्था है ।   
  4. शिक्षा और खेल: दीवारों पर आकर्षक BaLA (Building as Learning Aid) पेंटिंग्स बनाई गई हैं, जिनमें पशु-पक्षियों के चित्र, कविताएं और वर्णमाला शामिल हैं, ताकि खेलते-खेलते बच्चों की शिक्षा शुरू हो सके ।   
  5. स्वास्थ्य जाँच: हर तीन महीने में बच्चों का नियमित हेल्थ चेकअप होगा और उनके टीकाकरण (Immunization) पर पूरी निगरानी रखी जाएगी ।   

समय की लचीलापन: अब दफ्तर की देरी की टेंशन नहीं

इन क्रेच केंद्रों की सबसे बड़ी खासियत इनका समय है। ये केंद्र सामान्यतः सुबह 9:15 बजे से शाम 6:30 बजे तक खुले रहेंगे । लेकिन सबसे अच्छी बात यह है कि यदि किसी मां को काम की वजह से दफ्तर से लौटने में देरी हो जाती है, तो केंद्र तब तक बंद नहीं होगा जब तक माता-पिता बच्चे को लेने न आ जाएं । यह सुविधा उन माताओं के लिए बहुत मददगार है जो अनिश्चित समय तक काम करती हैं।   

भर्ती और मानदेय (Staffing and Salary)

इन केंद्रों को सुचारू रूप से चलाने के लिए क्रेच वर्कर (Creche Worker) और सहायिका (Helper) की नियुक्ति की जा रही है ।   

  • क्रेच वर्कर: बिहार के कुछ जिलों (जैसे सहरसा) में इसके लिए स्नातक (Graduation) की डिग्री अनिवार्य की गई है और मानदेय लगभग 14,730 रुपये तक दिया जा रहा है ।   
  • सहायिका: इनके लिए 12वीं पास होना जरूरी है और इन्हें लगभग 11,640 रुपये का मानदेय मिलता है ।   
  • चयन प्रक्रिया: इन पदों पर भर्ती प्रोजेक्ट-बेस्ड और संविदा (Contract) पर आधारित होती है, जिसमें इंटरव्यू के आधार पर चयन किया जाता है ।   

मिशन शक्ति: सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम

यह पूरी पहल मिशन शक्ति के ‘सामर्थ्य’ (Samarthya) वर्टिकल का हिस्सा है। इसका उद्देश्य महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाना है। जब महिलाओं को पता होगा कि उनका बच्चा सुरक्षित हाथों में है, तो वे बिना किसी मानसिक बोझ के कार्यक्षेत्र में अपना सर्वश्रेष्ठ दे सकेंगी।

बिहार के 38 जिलों में इन केंद्रों का जाल बिछाया जा रहा है, जिससे न केवल शहरी बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की कामकाजी महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी ।   

Releated Posts

बिहार का गौरव: कजरा में बना देश का सबसे बड़ा सोलर-बैटरी बैंक, अब रात में भी मिलेगी ‘सूरज की बिजली’

बिहार ने ऊर्जा के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। कभी बिजली के लिए दूसरे राज्यों…

ByByManvinder Mishra Apr 7, 2026

मुख्यमंत्री उद्यमी योजना 2026: 10 लाख की मदद से शुरू करें अपना बिजनेस, जानें आवेदन की हर बारीक जानकारी

अगर आप भी अपना खुद का बिजनेस शुरू करने का सपना देख रहे हैं लेकिन पैसों की कमी…

ByByPrachi Singh Mar 20, 2026

पटना की पुनपुन नदी में गुलाबी जहरीला झाग: कारण, खतरे और समाधान

बिहार की राजधानी पटना के पास बहने वाली पुनपुन नदी, जो लाखों लोगों के लिए धार्मिक और कृषि…

ByByManvinder Mishra Mar 15, 2026

बिहार का खेल जगत में डंका: Sportstar Aces Awards 2026 में बना ‘बेस्ट स्टेट’

मार्च 2026 की एक शाम मुंबई के प्रतिष्ठित ताज महल पैलेस होटल में बिहार के लिए एक ऐतिहासिक…

ByByManvinder Mishra Mar 15, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

<label for="comment">Comment's</label>

Scroll to Top