पटना, जो सदियों से अपनी ऐतिहासिक विरासत के लिए जाना जाता है, अब आधुनिक कला और संस्कृति का एक नया केंद्र बन चुका है। हम बात कर रहे हैं अर्थशिला पटना (Arthshila Patna) की। यह सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि कला प्रेमियों के लिए एक ऐसा अनुभव है जो आपको बिहार की जड़ों से जोड़ते हुए वैश्विक कला की ऊंचाइयों तक ले जाता है। तक्षशिला एजुकेशनल सोसाइटी (Takshila Educational Society) की यह पहल पटना के गोला रोड पर एक मील का पत्थर साबित हो रही है।

1. वास्तुकला का अजूबा: 40 फ़ीट गहरा और 60 फ़ीट ऊंचा
अर्थशिला पटना की सबसे बड़ी खासियत इसकी अनोखी बनावट है। आर्किटेक्ट सौरभ गुप्ता द्वारा डिज़ाइन किया गया यह सेंटर बिहार का पहला ‘वर्टिकल अंडरग्राउंड ऑडिटोरियम’ है। यह ज़मीन के 40 फीट नीचे तक फैला है और 60 फीट ऊपर की ओर उठ़ता है। इसके चार अंडरग्राउंड फ्लोर्स एक ऐसी दुनिया बनाते हैं जहाँ बाहर का शोर और रोशनी आपको परेशान नहीं करती, जिससे आप पूरी तरह कला में डूब सकते हैं। इसके निर्माण में लगभग 45 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं और इसे बनने में करीब एक दशक का समय लगा है।
2. अर्थशिला पटना : क्या-क्या है यहाँ खास?
अर्थशिला पटना को एक ‘मल्टी-आर्ट्स सेंटर’ के रूप में तैयार किया गया है। यहाँ की सुविधाएँ किसी भी अंतर्राष्ट्रीय आर्ट गैलरी को टक्कर देती हैं:
- ऑडिटोरियम (Auditorium): मुंबई के मशहूर पृथ्वी थिएटर से प्रेरित होकर यहाँ एक बेहतरीन साउंड इंजीनियरिंग वाला 120 सीटों का ऑडिटोरियम बनाया गया है। यहाँ बिना माइक के भी आखिरी पंक्ति तक आवाज़ साफ़ सुनाई देती है।
- एग्जीबिशन स्पेस (Gallery): यहाँ चार मंजिलों में फैला हुआ मल्टी-लेवल गैलरी स्पेस है, जहाँ देश-दुनिया की पेंटिंग्स और कलाकृतियां प्रदर्शित की जाती हैं ।
- बच्चों के लिए खास (ThinkArts): यहाँ बच्चों के लिए एक ‘एक्सपीरियंस सेंटर’ है जहाँ वे अपनी रचनात्मकता को नई दिशा दे सकते हैं ।
- किताब गाह (Bookstore): अगर आप पढ़ने के शौकीन हैं, तो ‘पेपरबैक’ (Paperback) द्वारा क्यूरेट की गई यह बुकशॉप आपके लिए जन्नत से कम नहीं है ।
- सबरंगी (Craft Store): यहाँ बिहार के समृद्ध हैंडलूम और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए ‘सबरंगी’ नाम का स्टोर है, जहाँ आप हाथ से बनी खूबसूरत चीज़ें खरीद सकते हैं ।
- रूट्स कैफ़े (Roots Cafe): कला देखने के बाद आप यहाँ के कैफ़े में शानदार व्यंजनों का आनंद ले सकते हैं, जिसे दिल्ली के प्रसिद्ध ‘कैफ़े लोटा’ की टीम संचालित करती है ।
3. तक्षशिला आर्ट कलेक्शन: 1500+ कलाकृतियों का खजाना
अर्थशिला के पास अपना एक विशाल आर्ट कलेक्शन है, जिसमें 1500 से अधिक कार्य शामिल हैं । इनमें पेंटिंग्स, फोटोग्राफी, मूर्तियां और फिल्म पोस्टर्स शामिल हैं। खास बात यह है कि इसमें लगभग 20 भारतीय स्वदेशी कला परंपराओं (Indigenous Art Traditions) के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय कलाकारों का काम भी शामिल है ।
4. 2026 के प्रमुख इवेंट्स और एग्जीबिशन
अगर आप 2026 में यहाँ जाने का प्लान बना रहे हैं, तो इन इवेंट्स को मिस न करें :
- चित्र सूत्र (Chitra Sutra): यह लोक और जनजातीय कला (Folk & Tribal Art) की एक शानदार प्रदर्शनी है, जो 27 जनवरी 2026 से 27 जून 2026 तक चलेगी ।
- सिनेमची दुनिया (Cinemchi Duniya): सिनेमा प्रेमियों के लिए ‘पन्ना, पर्दा, बाजा’ नाम का एक विशेष कार्यक्रम भी इसी दौरान (जनवरी-जून 2026) आयोजित किया जा रहा है ।
5. सामाजिक प्रभाव और ‘परिवर्तन’
अर्थशिला सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं है। तक्षशिला सोसाइटी ने बिहार के सीवान जिले के ‘परिवर्तन’ (Parivartan) केंद्र में ‘अर्थशिला आर्ट स्टूडियो’ भी स्थापित किए हैं । यहाँ कलाकारों के लिए रेजिडेंसी प्रोग्राम चलाए जाते हैं, जहाँ वे ग्रामीण परिवेश में रहकर नई कलाकृतियां तैयार करते हैं ।
6. अर्थशिला पटना : विजिटर्स के लिए ज़रूरी जानकारी
- पता (Address): अटलांटिस हॉस्पिटल के सामने, कैनाल फ्लाईओवर के पश्चिम, बेली रोड (गोला रोड के पास), पटना – 800014।
- समय (Timings): सुबह 11:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक।
- साप्ताहिक छुट्टी: सोमवार (Monday) को यह केंद्र बंद रहता है।
- एंट्री: प्रदर्शनियों (Exhibitions) के लिए प्रवेश निःशुल्क (Free) है।
अर्थशिला पटना बिहार की बदलती सांस्कृतिक छवि का प्रतीक है। चाहे आप एक कलाकार हों, छात्र हों या बस अपनी शाम को कुछ नया और प्रेरणादायक देख कर बिताना चाहते हों, यहाँ एक बार ज़रूर आएं।

















