बिहार सरकार ने राज्य को आधुनिक और संतुलित शहरी विकास की दिशा में ले जाने के लिए एक बड़ी पहल शुरू की है। आने वाले वर्षों में बिहार में 11 नई सैटेलाइट सिटीज़/टाउनशिप विकसित की जाएंगी। यह योजना भीड़भाड़ वाले शहरों पर दबाव कम करने और नए शहरी केंद्र बनाने की दिशा में राज्य का सबसे बड़ा कदम है।

9 प्रमंडल मुख्यालयों पर सैटेलाइट सिटीज़
बिहार के सभी नौ प्रमंडल मुख्यालयों को सैटेलाइट सिटी विकास के लिए चुना गया है:
- पटना
- मुजफ्फरपुर
- भागलपुर
- गया
- दरभंगा
- मुंगेर
- सारण (छपरा)
- सहरसा
- पूर्णिया
इन शहरों में आधुनिक आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक और सार्वजनिक सुविधाओं के साथ नई टाउनशिप विकसित की जाएंगी।
2 विशेष सैटेलाइट सिटीज़
1. सोनपुर — ग्रेटर पटना का विस्तार
- सोनपुर को पटना का प्रमुख विस्तार क्षेत्र माना गया है।
- लक्ष्य: पटना की भीड़ को कम करना और एक सुव्यवस्थित “ग्रेटर पटना” मॉडल तैयार करना।
- यहां आवासीय, व्यावसायिक और इंडस्ट्रियल ज़ोन विकसित होंगे।
2. सीतामढ़ी (सीतापुरम) — आध्यात्मिक टाउनशिप
- पुनौरा धाम के पास एक थीम-आधारित आध्यात्मिक सिटी प्रस्तावित है।
- यह ग्रीनफ़ील्ड शहर आधुनिक सुविधाओं और आध्यात्मिक विरासत के मिश्रण पर आधारित होगा।
भूमि-पूलिंग नीति: विकास का मूल आधार
सरकार ने इस योजना को लागू करने के लिए बिहार शहरी आयोजन स्कीम नियमावली 2025 को मंजूरी दी है।
इस मॉडल में:
- जमीन मालिक भूमि का एक हिस्सा देते हैं
- बदले में उन्हें विकसित भूखंड (अधिक मूल्य वाली) वापस मिलती है
- कोई नकद मुआवज़ा नहीं — पूरी प्रक्रिया साझेदारी पर आधारित होती है
भूमि विभाजन (सामान्य मॉडल — सरकारी स्रोत आधारित)
- 55% जमीन विकसित रूप में जमीन मालिकों को वापस
- बाकी जमीन का उपयोग:
- सड़कें
- पार्क
- सार्वजनिक सुविधाएं
- सामुदायिक संरचना
- सरकार की बिक्री/विकास हेतु भूमि
यह मॉडल अधिग्रहण की समस्या को दूर करता है और जमीन मालिकों को प्रत्यक्ष लाभ देता है।
पुराने शहरों का समानांतर आधुनिकीकरण
हालांकि सैटेलाइट सिटीज़ योजना नई टाउनशिप पर केंद्रित है, लेकिन सरकार पुराने शहरों में भी सुधार कर रही है। इनमें शामिल हैं:
- आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट
- नालियों और ड्रेनेज सिस्टम का अपग्रेड
- तालाबों और झीलों का पुनर्विकास
- शहर की सीमाओं का विस्तार
- शहरी निकायों की संख्या और क्षमता बढ़ाना
प्रस्तावित सैटेलाइट सिटीज़ में क्या होगा?
इन सभी नई टाउनशिप में आधुनिक शहरी विकास को ध्यान में रखते हुए सुविधाएं होंगी:
- आधुनिक आवासीय क्षेत्र
- व्यावसायिक मार्केट और ऑफिस कॉम्प्लेक्स
- छोटे-मध्यम उद्योगों के लिए इंडस्ट्रियल क्लस्टर
- स्कूल, कॉलेज, प्रशिक्षण संस्थान
- अस्पताल और स्वास्थ्य सुविधाएं
- पार्क, खेल के मैदान और हरित गलियारे
- स्मार्ट सिटी तकनीक और बेहतर शहरी सेवाएं
यह योजना क्यों महत्वपूर्ण है?
1. जनसंख्या दबाव में कमी
पटना और अन्य बड़े शहरों पर बढ़ते बोझ को कम किया जाएगा।
2. सुव्यवस्थित शहरी विकास
भूमि-पूलिंग मॉडल भूमि मालिकों को साझेदार बनाता है, जिससे अनियमित शहरी फैलाव रुकता है।
3. बड़े पैमाने पर रोजगार
निर्माण, व्यापार, सेवाओं और उद्योग से हज़ारों—संभावित रूप से लाखों—रोजगार अवसर पैदा होंगे।
4. बिहार की आधुनिक छवि
नई टाउनशिप बिहार को नए दौर के शहरी विकास की सूची में लाएंगी।
बिहार में 11 नई सैटेलाइट सिटीज़ की यह योजना राज्य के शहरी विकास में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। सोनपुर से लेकर सीतामढ़ी तक नई टाउनशिप आधुनिकता, योजना और विकास के नए मानक स्थापित करेंगी। यह परियोजना अगले कुछ वर्षों में बिहार की शहरी तस्वीर को पूरी तरह बदल सकती है और राज्य को आधुनिक भारत के शहरी नक्शे में नई पहचान दे सकती है।














