बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार की हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस ने राज्य के शैक्षणिक गलियारे में नई हलचल पैदा कर दी है। दिसंबर 2025 के इस महत्वपूर्ण संबोधन में मंत्री जी ने न केवल शिक्षक भर्ती (TRE-4) के भविष्य पर स्थिति स्पष्ट की, बल्कि बिहार बोर्ड की परीक्षाओं में एआई (AI) तकनीक के इस्तेमाल जैसे आधुनिक बदलावों का भी एलान किया।
यहाँ शिक्षा मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस के सबसे प्रमुख अंशों को सरल भाषा में विस्तार से समझाया गया है:

शिक्षक भर्ती (TRE-4) और STET पर बड़ा अपडेट
बिहार के लाखों अभ्यर्थियों के लिए सबसे बड़ी खबर TRE-4 शिक्षक भर्ती को लेकर आई है। मंत्री सुनील कुमार ने स्पष्ट किया कि विभाग लगभग 27,910 पदों पर बहाली की तैयारी कर रहा है ।
- भर्ती में देरी की वजह: पहले यह परीक्षा दिसंबर 2025 में होनी थी, लेकिन 38 में से 31 जिलों द्वारा समय पर रिक्ति रोस्टर नहीं भेजने के कारण अब इसके जनवरी या फरवरी 2026 में होने की संभावना है ।
- STET 2025 रिजल्ट: मंत्री ने आश्वासन दिया कि STET 2025 का परिणाम 31 दिसंबर 2025 या जनवरी के पहले हफ्ते तक जारी कर दिया जाएगा, जिसके तुरंत बाद TRE-4 की आधिकारिक अधिसूचना (Notification) जारी होगी ।
- TRE-5 का प्लान: उन्होंने यह भी साफ किया कि जो पद खाली रह जाएंगे, उन्हें विधानसभा चुनाव के बाद आयोजित होने वाली TRE-5 भर्ती में जोड़ा जाएगा।
बिहार बोर्ड 2026: तारीखें और ‘AI चैटबॉट’
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने 2026 की मैट्रिक और इंटर परीक्षाओं के लिए कमर कस ली है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन परीक्षाओं की तारीखों का एलान किया गया:
- इंटरमीडिएट परीक्षा: 2 फरवरी से 13 फरवरी 2026 ।
- मैट्रिक परीक्षा: 17 फरवरी से 25 फरवरी 2026 ।
नई तकनीक: इस बार छात्रों की मदद के लिए बोर्ड की वेबसाइट पर AI Chatbot लॉन्च किया जा रहा है । यह चैटबॉट जनवरी 2026 से सक्रिय होगा और छात्रों को एडमिट कार्ड, परीक्षा केंद्र और फॉर्म भरने से जुड़ी जानकारी तुरंत देगा ।
हर प्रखंड में ‘मॉडल स्कूल’ और डिजिटल शिक्षा
शिक्षा मंत्री ने बिहार के हर ब्लॉक (प्रखंड) में मॉडल स्कूल बनाने का मास्टरप्लान साझा किया ।
- इन स्कूलों में आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाएं और कंप्यूटर लैब होंगी ।
- सरकार का लक्ष्य 28,000 सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर लैब स्थापित करना है ।
- छात्रों और शिक्षकों को डिजिटल लर्निंग के लिए टैबलेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म मुहैया कराए जाएंगे।
शिक्षकों के लिए सख्त नियम: 31 दिसंबर की डेडलाइन
प्रशासनिक सुधारों पर जोर देते हुए सुनील कुमार ने शिक्षकों को संपत्ति की घोषणा करने का अंतिम अल्टीमेटम दिया है।
- राज्य के लगभग 6 लाख शिक्षकों को 31 दिसंबर 2025 तक अपनी चल और अचल संपत्ति का ब्योरा देना अनिवार्य है ।
- जो शिक्षक ऐसा नहीं करेंगे, उनकी जनवरी 2026 की सैलरी रोक दी जाएगी । यह नियम नियोजित शिक्षकों से लेकर प्रधानाध्यापकों तक सभी पर लागू होगा।
छात्रों के लिए राहत: 75% हाजिरी की शर्त खत्म
एक बहुत ही महत्वपूर्ण फैसले में सरकार ने साइकिल और पोशाक जैसी कल्याणकारी योजनाओं के लिए 75% उपस्थिति की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है । अब शैक्षणिक सत्र 2025-26 से नामांकित सभी छात्र इन योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को स्कूल से जोड़ना है ।ठंड के कारण स्कूल बंदी और अन्य चुनौतियां
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंत्री ने राज्य में चल रही भीषण शीतलहर पर भी चर्चा की।
- पटना समेत कई जिलों में कक्षा 8 तक के स्कूलों को 31 दिसंबर तक बंद रखने का निर्देश दिया गया है ।
- बड़ी कक्षाओं (9वीं से 12वीं) के समय में बदलाव कर उन्हें सुबह 10 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक किया गया है ।
BPSC 70वीं परीक्षा विवाद: हाल ही में BPSC 70वीं प्रारंभिक परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों पर मंत्री ने कहा कि आयोग इन शिकायतों की पूरी जांच करेगा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाएगा ।
शिक्षा मंत्री सुनील कुमार का यह संबोधन स्पष्ट करता है कि बिहार सरकार शिक्षा के बुनियादी ढांचे को सुधारने और भर्ती प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाने के लिए गंभीर है। जहाँ एक तरफ शिक्षकों पर अनुशासन का शिकंजा कसा जा रहा है, वहीं छात्रों के लिए तकनीकी और आर्थिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। 2026 का साल बिहार की शिक्षा व्यवस्था के लिए बड़े बदलावों का साल साबित होने वाला है।


















