बिहार के औद्योगिक और शहरी विकास के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। राज्य सरकार ने पटना के पास सोनपुर (सारण) में लगभग 9,000 एकड़ जमीन अधिग्रहित कर एक विशाल ‘साइबर सिटी’ और ‘इलेक्ट्रॉनिक सिटी’ बसाने की तैयारी शुरू कर दी है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना न केवल पटना का विस्तार करेगी, बल्कि इसे ‘ग्रेटर पटना’ के रूप में एक नई वैश्विक पहचान भी देगी ।
यहाँ इस मेगा प्रोजेक्ट, सरकारी नीतियों और इससे होने वाले बदलावों की पूरी जानकारी दी गई है:

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बिहार का नया मास्टर प्लान: सोनपुर बनेगा ‘ग्रेटर पटना’
बिहार सरकार ने पहले चरण में राज्य भर में 11 आधुनिक सैटेलाइट और ग्रीनफील्ड शहर बसाने को मंजूरी दी है । इसमें सोनपुर को सबसे महत्वपूर्ण केंद्र माना जा रहा है। ‘ग्रेटर पटना’ की परचेस के तहत विकसित होने वाला यह शहर दिल्ली-एनसीआर की तर्ज पर पटना के भीड़भाड़ और ट्रैफिक के दबाव को कम करेगा। गंगा नदी के उत्तरी तट पर स्थित होने के कारण सोनपुर भौगोलिक और रणनीतिक रूप से इस विस्तार के लिए सबसे उपयुक्त स्थान है।
9,000 एकड़ का भूमि बैंक और औद्योगिक गलियारा
राज्य सरकार ने औद्योगिक विकास को गति देने के लिए पहले ही 8,000 एकड़ जमीन का बैंक तैयार कर लिया है और अब 14,600 एकड़ अतिरिक्त जमीन अधिग्रहित करने की प्रक्रिया चल रही है। इसमें से एक बड़ा हिस्सा सोनपुर-सारण क्षेत्र में साइबर सिटी और इलेक्ट्रॉनिक सिटी के लिए आवंटित किए जाने की संभावना है।
इस भूमि अधिग्रहण का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को रेड कार्पेट पर आमंत्रित करना है। सरकार का लक्ष्य 900 से अधिक कंपनियों को जमीन उपलब्ध कराना है ताकि फूड प्रोसेसिंग से लेकर आईटी और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ सके।
निवेशकों के लिए बड़े ऑफर: BIIPP 2025 और IT Policy 2024
बिहार सरकार ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए ‘बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज (BIIPP) 2025’ और ‘बिहार आईटी पॉलिसी 2024’ लागू की है । इसके तहत मिलने वाले कुछ प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:
- मुफ्त जमीन: जो कंपनियां 100 करोड़ रुपये का निवेश करेंगी और 1,000 लोगों को रोजगार देंगी, उन्हें 10 एकड़ जमीन मुफ्त दी जाएगी ।
- मेगा प्रोजेक्ट्स: 1,000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने वाली कंपनियों को 25 एकड़ तक मुफ्त जमीन मिल सकती है ।
- सब्सिडी: सामान्य इकाइयों को BIADA की अधिसूचित दरों पर 50% की छूट मिलेगी। इसके अलावा, 30% तक की कैपिटल सब्सिडी और एसजीएसटी (SGST) रिइम्बर्समेंट की सुविधा भी दी जा रही है ।
- आईटी हब: आईटी विभाग सोनपुर में ‘ग्लोबल बैंक हब’, ‘सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क’ और ‘बिहार एआई मिशन’ (Bihar AI Mission) जैसे हाई-टेक प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है ।
किसानों और जमीन मालिकों को क्या मिलेगा? (लैंड पूलिंग मॉडल)
जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को पारदर्शी और लाभकारी बनाने के लिए सरकार ‘लैंड पूलिंग’ (Land Pooling) नीति पर जोर दे रही है। इस मॉडल के तहत:
- जमीन मालिकों को उनकी विकसित जमीन का 55% हिस्सा वापस मिल सकता है ।
- विकसित क्षेत्र में आधुनिक बुनियादी ढांचा जैसे चौड़ी सड़कें, पार्क और बाजार होंगे, जिससे जमीन की कीमतें कई गुना बढ़ जाएंगी।
- स्थानीय युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर इन शहरों में आने वाली कंपनियों में रोजगार के प्राथमिकता दी जाएगी।
कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर: विकास की नई लाइफलाइन
सोनपुर और पटना के बीच की दूरी को खत्म करने के लिए बुनियादी ढांचे पर भारी निवेश किया जा रहा है :
- जेपी सेतु का विस्तार: वर्तमान जेपी सेतु के समानांतर एक नया चार-लेन का पुल बनाया जा रहा है ।
- रिंग रोड: पटना मास्टर प्लान 2031 के तहत एक रिंग रोड प्रस्तावित है जो वैशाली और सारण के हिस्सों को जोड़ते हुए एक हाई-स्पीड कॉरिडोर बनाएगी।
- कच्ची दरगाह-बिदुपुर ब्रिज: 6-लेन का यह पुल उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच व्यापारिक आवाजाही को सुगम बनाएगा।
1 करोड़ नौकरियों का लक्ष्य
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार ने अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ नौकरियां पैदा करने का लक्ष्य रखा है । सोनपुर में 9,000 एकड़ में बसने वाली यह साइबर सिटी और इलेक्ट्रॉनिक सिटी इस लक्ष्य को प्राप्त करने में मील का पत्थर साबित होगी। यह प्रोजेक्ट न केवल बिहार को पूर्वी भारत का ‘टेक हब’ बनाएगा, बल्कि राज्य से होने वाले पलायन को रोकने में भी बड़ी भूमिका निभाएगा ।














