अगर आप बिहार में सरकारी शिक्षक (Government Teacher) बनने का सपना देख रहे हैं, तो आपके लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। BPSC TRE 4.0 Vacancy 2026 का इंतजार कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए रास्ता साफ हो गया है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) जल्द ही चौथे चरण की शिक्षक बहाली के लिए 44,000 पदों (44,000 Vacancies) पर नोटिफिकेशन जारी करने वाला है।
इस बार की भर्ती सिर्फ पदों की संख्या की वजह से ही नहीं, बल्कि Domicile Policy (डोमिसाइल नीति) में हुए बड़े बदलावों की वजह से भी चर्चा में है। आइए, आसान भाषा में समझते हैं कि इस बार क्या खास है और आपको अपनी तैयारी कैसे करनी चाहिए।

BPSC TRE 4.0 Vacancy 2026 :कब आएगा नोटिफिकेशन?
मीडिया रिपोर्ट्स और विभागीय हलचल के अनुसार, शिक्षा विभाग ने रिक्तियों (Vacancies) का रोस्टर क्लियर कर लिया है।
- नोटिफिकेशन की तारीख: 15 फरवरी से 20 फरवरी 2026 के बीच.
- परीक्षा की तारीख (Exam Date): नोटिफिकेशन आने के बाद फॉर्म भरने के लिए करीब एक महीने का समय मिलेगा। उम्मीद जताई जा रही है कि परीक्षा मई या जून 2026 में आयोजित की जा सकती है.
44,000 पदों का गणित: किस वर्ग में कितनी सीटें?
शुरुआत में चर्चा थी कि वैकेंसी 27,000 के आसपास होगी, लेकिन बैकलॉग (पुरानी बची हुई सीटें) और नए रोस्टर के जुड़ने से यह संख्या बढ़कर लगभग 44,000 हो गई है।
ताजा आंकड़ों के अनुसार संभावित सीटों का बंटवारा इस प्रकार है:
| वर्ग (Class) | संभावित पद (Vacancies) | टिप्पणी |
| कक्षा 1 से 8 (Primary & Middle) | ~19,000 | इसमें सबसे ज्यादा पद प्राइमरी (1-5) के होने की उम्मीद है। |
| कक्षा 9 से 10 (Secondary/TGT) | ~12,000 | गणित, विज्ञान और अंग्रेजी विषयों में अच्छे पद देखने को मिलेंगे। |
| कक्षा 11 से 12 (Higher Secondary/PGT) | ~13,000 | यह उन अभ्यर्थियों के लिए गोल्डन चांस है जिनके पास STET पेपर-2 है। |
(नोट: यह आंकड़ा अंतिम नोटिफिकेशन में थोड़ा ऊपर-नीचे हो सकता है).
सबसे बड़ा बदलाव: Domicile Policy (डोमिसाइल नीति)
TRE 4.0 में सबसे बड़ा ‘ट्विस्ट’ डोमिसाइल नीति को लेकर है। बिहार सरकार ने स्थानीय निवासियों को प्राथमिकता देने के लिए नियमों में बड़ा फेरबदल किया है।
- 84.4% सीटें बिहारवासियों के लिए रिजर्व: अब कुल सीटों का लगभग 84.4% हिस्सा बिहार के निवासियों या उन अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित (Effective Reservation) हो जाएगा जिन्होंने बिहार बोर्ड से पढ़ाई की है।
- बाहरी छात्रों के लिए झटका: दूसरे राज्यों (Other State) के अभ्यर्थियों के लिए अब केवल ~15.6% सीटें ही ओपन रहेंगी। यानी मुकाबला अब पहले से कहीं ज्यादा कड़ा होगा.
- महिला आरक्षण: पहले दूसरे राज्य की महिलाएं भी “अनारक्षित महिला” कोटे का लाभ उठा लेती थीं, लेकिन अब 35% महिला आरक्षण का लाभ केवल बिहार की मूल निवासी महिलाओं को ही मिलेगा। बाहरी राज्यों की महिलाएं अब ‘General Open’ कैटेगरी में गिने जाएंगे.
अब मिलेंगे 5 मौके (5 Attempts)
पहले BPSC शिक्षक भर्ती में शामिल होने के लिए अधिकतम 3 अटेंप्ट्स (Attempts) की सीमा थी, जिसे लेकर छात्रों में काफी तनाव था। लेकिन अब शिक्षा विभाग ने इसे बढ़ाकर 5 अटेंप्ट्स कर दिया है। इसका मतलब यह है कि अगर आप TRE 1, 2 और 3 में किस्मत आजमा चुके हैं, तो भी आपके पास TRE 4.0 और उसके बाद भी परीक्षा देने का मौका बचा हुआ है.
Eligibility Criteria : BPSC TRE 4.0 Vacancy 2026
- प्राइमरी (1-5): 12वीं पास + D.El.Ed + CTET Paper 1 या BTET Paper 1 पास होना अनिवार्य है। (याद रखें: सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार B.Ed वाले प्राइमरी के लिए एलिजिबल नहीं हैं)।
- माध्यमिक (9-10): ग्रेजुएशन + B.Ed + STET Paper 1 पास।
- उच्च माध्यमिक (11-12): पोस्ट ग्रेजुएशन + B.Ed + STET Paper 2 पास।
उम्र सीमा (Age Limit):
- न्यूनतम: 18 वर्ष (प्राइमरी के लिए) / 21 वर्ष (माध्यमिक/उच्च माध्यमिक के लिए)।
- अधिकतम (General Male): 37 वर्ष।
- कट-ऑफ डेट: उम्र की गणना संभवतः 1 अगस्त 2025 या 2026 से की जाएगी (नोटिफिकेशन में स्पष्ट होगा).
BPSC TRE 4.0 Vacancy 2026 :एग्जाम पैटर्न
परीक्षा ऑफलाइन (OMR Based) होगी और इसमें कुल 150 प्रश्न होंगे। समय 2.30 घंटे का होगा।
- भाषा (Language – Qualifying): 30 प्रश्न (अंग्रेजी + हिंदी/उर्दू/बांग्ला)। इसमें पास होने के लिए 9 नंबर लाना अनिवार्य है, लेकिन इसके नंबर मेरिट में नहीं जुड़ेंगे।
- सामान्य अध्ययन (GS): 40 प्रश्न (मैथ्स, रीजनिंग, साइंस, करंट अफेयर्स, भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन)।
- विषय (Subject): 80 प्रश्न (आपके मुख्य विषय से, जैसे- इतिहास, गणित, हिंदी आदि)।
नेगेटिव मार्किंग: पिछले ट्रेंड (TRE 3.0) को देखते हुए संभावना है कि नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी, लेकिन हमें आधिकारिक विज्ञापन का इंतजार करना चाहिए.
BPSC TRE 4.0 Vacancy 2026
BPSC TRE 4.0 एक बहुत बड़ा अवसर है, खासकर बिहार के उन युवाओं के लिए जो पिछले चरणों में कुछ नंबरों से चूक गए थे। 44,000 का आंकड़ा छोटा नहीं होता। डोमिसाइल नीति लागू होने से बिहार के अभ्यर्थियों के लिए चयन की संभावनाएं बढ़ गई हैं, वहीं बाहरी राज्यों के छात्रों को अपनी तैयारी को “Top Notch” रखना होगा क्योंकि उनके लिए सीटें कम हो गई हैं।


















