2026 की शुरुआत बॉलीवुड के लिए काफी दिलचस्प रही है। जहाँ एक तरफ बड़े बजट की एक्शन फिल्में बॉक्स ऑफिस पर कब्जा जमाए बैठी थीं, वहीं आमिर खान प्रोडक्शंस ने ‘Happy Patel: Khatarnak Jasoos’ के साथ एक ऐसा ‘पागलपन’ पेश किया है, जिसकी उम्मीद शायद ही किसी को थी। स्टैंड-अप कॉमेडियन वीर दास ने इस फिल्म के जरिए निर्देशन (Direction) की दुनिया में कदम रखा है और यकीन मानिए, उनका यह प्रयोग काफी हद तक सफल रहा है ।

कहानी: एक अनाड़ी जासूस और गोवा का ‘Mama’
फिल्म की कहानी घूमती है ‘हैप्पी पटेल’ (वीर दास) के इर्द-गिर्द, जो ब्रिटेन में पला-बढ़ा एक ऐसा शख्स है जो जासूस बनने का सपना देखता है। लेकिन समस्या यह है कि वह MI7 की प्रवेश परीक्षा में सात बार फेल हो चुका है । एक बार तो वह स्निपर राइफल असेंबल करते समय उसका ‘ट्रिगर’ ही भूल गया था!
अचानक उसे पता चलता है कि उसकी जड़ें भारत से जुड़ी हैं और उसे एक गुप्त मिशन पर गोवा भेजा जाता है । यहाँ उसका मुकाबला होता है ‘मम्मा’ (मोना सिंह) से, जो गोवा की सबसे खतरनाक डॉन है, लेकिन दिखने में वह एक भोली-भाली गोअन आंटी जैसी है जो अपने गुंडों को कटलेट खिलाती है । मिशन है एक अगवा वैज्ञानिक को बचाना और ‘Project Y-ite’ को रोकना, जो पूरे भारत को तबाह कर सकता है ।
कास्ट और परफॉरमेंस: खान बंधुओं की वापसी और वीर दास का जलवा
वीर दास ने हैप्पी पटेल के रूप में अपनी कॉमिक टाइमिंग और ब्रिटिश-हिंदी एक्सेंट से जान फूंक दी है। फिल्म की असली जान इसके ‘सबटाइटल्स’ (Subtitles) हैं, जो उनकी टूटी-फूटी हिंदी के असली और मजेदार मतलब समझाते हैं ।
इस फिल्म का सबसे बड़ा आकर्षण आमिर खान और इमरान खान का कैमियो है। इमरान खान ने 10 साल बाद पर्दे पर वापसी की है और उनके ‘FOMO’ (छूट जाने का डर) की वजह से उन्होंने खुद वीर दास को मैसेज कर फिल्म का हिस्सा बनने की इच्छा जताई थी 10। आमिर खान एक ‘स्पेस-आउट गैंगस्टर’ के रूप में शुरुआत में ही नजर आते हैं और रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने इस छोटे से रोल के लिए 18 किलो वजन घटाया है ।
मोना सिंह ने ‘मम्मा’ के किरदार में बेहतरीन काम किया है। पहली बार उन्हें विलेन के रूप में देखना दर्शकों के लिए एक अलग अनुभव है । मिथिला पालकर का रोल छोटा है लेकिन वह अपनी छाप छोड़ने में सफल रही हैं ।
तकनीकी पक्ष: संगीत और निर्देशन
वीर दास और कवि शास्त्री का निर्देशन फ्रेश और ‘Delhi Belly’ की याद दिलाता है । फिल्म का संगीत अजय जयंती और पार्थ पारेख ने दिया है। ‘बंदा तेरे लिए’ गाना बॉलीवुड के पारंपरिक रोमांटिक गानों को चुनौती देता है, जहाँ हीरोइन के बजाय हीरो डांस के जरिए हीरोइन को रिझाने की कोशिश करता है ।
फिल्म की खासियत और कमजोरियां (Pros & Cons)
सेंसर बोर्ड (CBFC) ने इस फिल्म के प्रति काफी उदार रुख अपनाया है। फिल्म को ‘A’ सर्टिफिकेट मिला है और बोर्ड ने गालियों और व्यंग्यात्मक संवादों को काफी हद तक बरकरार रखा है, हालांकि ‘Brown’ शब्द वाले एक विजुअल को डिलीट कराया गया । फिल्म की कुल लंबाई 121 मिनट है, जो इसे एक क्रिस्प वॉच बनाती है ।
Happy Patel Khatarnak Jasoos Movie Review : देखें या नहीं?
‘Happy Patel: Khatarnak Jasoos‘ हर किसी के लिए नहीं है। अगर आपको ‘Delhi Belly’ या ‘Go Goa Gone’ जैसी डार्क और ऑफ-बीट कॉमेडी पसंद है, तो यह फिल्म आपके लिए एक ट्रीट है । यह फिल्म बॉलीवुड के पुराने जासूसी फॉर्मूले का मजाक उड़ाती है और खुद को गंभीरता से नहीं लेती, यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।
रेटिंग: 3.5/5 स्टार

















