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Bihar BS-CFA Scheme Inquiry

BS-CFA कोर्स: बिहार सरकार की फ्री ट्रेनिंग से बनें स्मार्ट अकाउंटेंट – पूरी जानकारी

आज के डिजिटल दौर में, खासकर जब से भारत में GST (Goods and Services Tax) लागू हुआ है, अकाउंटेंट्स की मांग बहुत तेजी से बढ़ी है। बिहार के युवाओं के लिए यह एक शानदार करियर ऑप्शन बनकर उभरा है। इसी मांग को पूरा करने के लिए बिहार सरकार के ‘बिहार कौशल विकास मिशन’ (BSDM) ने एक विशेष कोर्स शुरू किया है, जिसका नाम है BS-CFA।

अगर आप कॉमर्स या नॉन-कॉमर्स बैकग्राउंड से हैं और एकाउंटिंग के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। यहाँ हम आपको BS-CFA कोर्स की ए-टू-जेड जानकारी आसान हिंदी में देंगे।

Bihar BS-CFA Scheme Inquiry
AI Image

BS-CFA क्या है? (What is BS-CFA?)

BS-CFA का पूरा नाम Bihar State-Certificate in Financial Accounting है। यह बिहार सरकार द्वारा चलाया जाने वाला एक स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम है। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य के युवाओं को फाइनेंशियल अकाउंटिंग, टैली (Tally) और जीएसटी (GST) में एक्सपर्ट बनाना है, ताकि वे छोटे और मध्यम व्यवसायों (SMEs) में आसानी से नौकरी पा सकें।

यह कोर्स पूरी तरह से जॉब-ओरिएंटेड है और इसे BSDM (Bihar Skill Development Mission) द्वारा संचालित किया जाता है। मजे की बात यह है कि यह कोर्स ‘कुशल युवा प्रोग्राम’ (KYP) सेंटर्स के माध्यम से ही चलाया जाता है, लेकिन इसके लिए सेंटर्स को अलग से मान्यता लेनी पड़ती है।

कोर्स में आपको क्या सिखाया जाएगा?

यह कोर्स लगभग 120 घंटे का होता है। इसमें थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों पर जोर दिया जाता है। इस कोर्स को करने के बाद आप सिर्फ किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि कंप्यूटर पर काम करना भी सीखते हैं।

मुख्य रूप से आपको ये चीज़ें सिखाई जाती हैं:

  1. फाइनेंशियल अकाउंटिंग (Financial Accounting): अकाउंटिंग के बेसिक नियम, लेजर बनाना और बैलेंस शीट तैयार करना।
  2. Tally.ERP 9 सॉफ्टवेयर: आज के दौर में हाथ से बही-खाता नहीं लिखा जाता। इस कोर्स में आपको Tally सॉफ्टवेयर पर काम करना सिखाया जाता है, जो हर कंपनी की जरूरत है।
  3. GST (Goods and Services Tax): जीएसटी क्या है? इसके प्रकार (CGST, SGST, IGST) क्या हैं? और सबसे महत्वपूर्ण—जीएसटी रिटर्न कैसे फाइल करें? यह सब इस कोर्स का हिस्सा है।
  4. पेरोल और टीडीएस (Payroll & TDS): कर्मचारियों की सैलरी बनाना (Payroll) और टैक्स डिडक्शन (TDS) की गणना करना भी इसमें शामिल है।

इस कोर्स को कौन कर सकता है? (Eligibility Criteria)

BS-CFA कोर्स करने के लिए कुछ साधारण शर्तें हैं:

  • शिक्षा: छात्र का कम से कम 12वीं पास होना जरूरी है। अगर आप कॉमर्स (Commerce) से हैं तो बहुत अच्छी बात है, लेकिन अन्य विषयों के छात्र भी इसे कर सकते हैं।
  • उम्र सीमा: आमतौर पर यह कोर्स 15 से 28 वर्ष के युवाओं के लिए है (आरक्षित वर्गों के लिए इसमें छूट हो सकती है)।
  • निवास: आवेदक बिहार का स्थायी निवासी होना चाहिए।

क्या यह कोर्स फ्री है? (Fees Structure)

जी हाँ, तकनीकी रूप से यह कोर्स फ्री है, लेकिन इसमें एक छोटा सा ‘पेंच’ है जो आपके भले के लिए है।

  • सिक्योरिटी डिपॉजिट: एडमिशन के समय आपको ₹1000 की राशि सिक्योरिटी डिपॉजिट के रूप में जमा करनी होती है।
  • रिफंड: घबराइए नहीं! अगर आप कोर्स पूरा कर लेते हैं और फाइनल परीक्षा पास कर लेते हैं, तो यह ₹1000 आपके बैंक खाते में वापस (Refund) कर दिए जाते हैं।
  • इसका मकसद सिर्फ यह सुनिश्चित करना है कि केवल गंभीर छात्र ही एडमिशन लें और बीच में कोर्स न छोड़ें।

एडमिशन प्रक्रिया

BS-CFA में एडमिशन की प्रक्रिया अब काफी हाई-टेक हो गई है। यह SOLAR पोर्टल के माध्यम से होती है।

  1. केंद्र पर जाएं: आपको अपने नजदीकी अधिकृत कौशल विकास केंद्र (SDC) पर जाना होगा जो BS-CFA कोर्स करवाता हो। ध्यान दें कि हर KYP सेंटर पर यह कोर्स नहीं होता, सिर्फ चुने हुए सेंटर्स पर ही होता है।
  2. रजिस्ट्रेशन: वहां आपके डाक्यूमेंट्स (आधार कार्ड, 12वीं की मार्कशीट, बैंक पासबुक आदि) लिए जाएंगे और SOLAR पोर्टल पर आपका रजिस्ट्रेशन किया जाएगा।
  3. बैच: यह कोर्स साल भर अलग-अलग बैचों (जैसे अगस्त बैच, सितंबर बैच) में चलता है। आपको अपनी सुविधानुसार बैच मिल जाएगा।

करियर के अवसर

इस कोर्स को पूरा करने और सर्टिफिकेट प्राप्त करने के बाद आपके पास प्राइवेट सेक्टर में नौकरी के कई दरवाजे खुल जाते हैं। आप इन पदों पर काम कर सकते हैं:

  • अकाउंट्स असिस्टेंट (Accounts Assistant): किसी भी छोटी-बड़ी दुकान या ऑफिस में।
  • जीएसटी ऑपरेटर (GST Operator): रिटर्न फाइलिंग और बिलिंग के लिए।
  • टैली ऑपरेटर (Tally Operator): डेटा एंट्री और स्टॉक मैनेजमेंट के लिए।
  • जूनियर अकाउंटेंट: चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CA) के ऑफिस में सहायक के रूप में।

चूंकि बिहार में लाखों छोटे व्यापारी अब जीएसटी के दायरे में आ गए हैं, इसलिए उन्हें ऐसे युवाओं की सख्त जरूरत है जो कंप्यूटर पर उनका हिसाब-किताब रख सकें।

ध्यान देने वाली बात (Important Note)

अक्सर लोग “BS-CFA” और “Solar CFA” में कंफ्यूज हो जाते हैं।

  • BS-CFA: यह अकाउंटिंग कोर्स है (जिसकी बात हम यहाँ कर रहे हैं)।
  • Solar CFA (Central Financial Assistance): यह सोलर पैनल लगवाने पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी है। अगर आप सोलर पैनल की जानकारी ढूंढ रहे थे, तो यह आर्टिकल उसके बारे में नहीं है।

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