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Vikas Divyakirti

डॉ. विकास दिव्यकीर्ति का UPSC में बिहार के छात्रों के प्रदर्शन पर बयान

Drishti IAS के संस्थापक और MD डॉ. विकास दिव्यकीर्ति ने पटना में Drishti IAS की नई शाखा का उद्घाटन करते हुए बिहार के छात्रों के UPSC प्रदर्शन पर महत्वपूर्ण बयान दिए हैं।

Vikas Divyakirti

डॉ. विकास दिव्यकीर्ति मुख्य बयान : आंकड़ों में गिरावट vs. वास्तविकता

विकास दिव्यकीर्ति ने स्पष्ट किया कि बिहार के छात्रों का UPSC में प्रदर्शन वास्तव में नहीं गिरा है, बल्कि दूसरे राज्यों का भागीदारी बढ़ गया है। उन्होंने कहा:

“यह नहीं कि इंटरेस्ट कम हुआ है। यूपीएससी की तैयारी के मामले में यूपी सबसे ऊपर है, उसके बाद एमपी और अन्य राज्य भी शामिल हैं। सरप्राइजिंगली पिछले कुछ सालों में सक्सेस रेट में भी बिहार का जो पहले लेवल हुआ करता था वैसा नहीं है।”

उन्होंने एक महत्वपूर्ण सूक्ष्मता जोड़ी:

“यह संभव है कि बिहारी छात्रों की रुचि आज भी उतनी ही हो, लेकिन पहले दूसरे राज्यों में कम रुचि थी, इसलिए बिहार के आंकड़े ज्यादा दिखते थे। आज अगर हम वास्तविक आंकड़े देखेंगे तो स्थिति वैसी (एकतरफा) नहीं दिखेगी।”

क्यों बदलाव आया?

दिव्यकीर्ति ने बताया कि साल 2000 के आसपास जो IAS और IPS अधिकारी रिटायर हो रहे थे, वे ज्यादातर केरल और तमिलनाडु से आते थे क्योंकि 1960-70 के दशक में उन राज्यों में सामाजिक बदलाव हुआ था। इसी तरह जब बिहार में सामाजिक आंदोलन हुए, तो यहां के लोगों की ऊपर की ओर बढ़ने की इच्छा बढ़ी।

आज राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा और विशेषकर उत्तर प्रदेश में भी सिविल सेवाओं में शामिल होने की प्रवृत्ति काफी बढ़ गई है। इसी कारण “बिहार का जो दबदबा पहले दिखता था, वह अब आंकड़ों में वैसा नजर नहीं आता।”

Drishti IAS पटना केंद्र : नया कदम

इसी संदर्भ में विकास दिव्यकीर्ति ने पटना में Drishti IAS की नई शाखा का उद्घाटन किया है:

  • क्षमता: एक समय में 1500 छात्र समायोजित कर सकेंगे​
  • बहु-शाखा मॉडल: 2-3 बैच चलेंगे, जिससे 34,000 तक छात्रों को संभाला जा सकेगा​
  • समान सुविधाएं: दिल्ली केंद्र की सभी सुविधाएं (शिक्षण, पुस्तकालय, मेंटरशिप, नोट्स, टेस्ट सीरीज) पटना में भी मिलेंगी​
  • नियोजन: वे स्पष्ट करते हैं कि “जो कुछ भी सुविधाएं हों, उनमें कोई भेदभाव नहीं करते हैं।”​

विद्यार्थियों की रुचि पर दृष्टिकोण

दिव्यकीर्ति के अनुसार, छात्रों की प्राथमिक रुचि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करना है। यदि कोई संस्थान:

  • सही ढंग से पढ़ा रहा है
  • टेस्ट सीरीज, नोट्स जैसी सभी जरूरतें पूरी कर रहा है
  • मेंटरशिप प्रदान कर रहा है

तब “बच्चे आसानी से गुमराह नहीं होते। वे समझदार होते हैं और जानते हैं कि उनके लिए क्या अच्छा है।”​

विकास दिव्यकीर्ति का यह बयान इस व्यापक मिथ को चुनौती देता है कि बिहार के छात्रों का UPSC में रुझान घट गया है। वास्तव में, यह एक सापेक्षिक परिवर्तन है जहां अन्य राज्यों में भी समान रुचि बढ़ी है, जिससे बिहार का “एकाधिकार” संख्याओं में कम दिखाई दे रहा है। उनका Drishti IAS पटना केंद्र इसी विश्वास को प्रतिबिंबित करता है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सहायता प्रदान करने से बिहार के युवा फिर से UPSC में अपना प्रदर्शन बेहतर कर सकते हैं।​​

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