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Mukhyamantri Pichhda Varg Chhatravas Yojana Bihar

बिहार मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग छात्रावास योजना 2026: अब छात्रों को मिलेंगे ₹2000 और फ्री राशन, जानें पूरी जानकारी

बिहार सरकार राज्य के गरीब और पिछड़े वर्ग के छात्रों के भविष्य को संवारने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं चला रही है। इन्हीं में से एक सबसे प्रमुख योजना है—”मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग छात्रावास योजना”। इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन छात्रों को रहने और खाने की सुविधा देना है जो आर्थिक तंगी के कारण बड़े शहरों या जिला मुख्यालयों में रहकर पढ़ाई नहीं कर पाते हैं।

हाल ही में जनवरी 2026 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस योजना को लेकर बड़े फैसले लिए गए हैं, जिससे अब छात्रों को पहले से दोगुना लाभ मिलेगा । आइए, इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि इस योजना के क्या फायदे हैं और आप इसका लाभ कैसे उठा सकते हैं।

योजना के तहत मिलने वाले मुख्य लाभ (Benefits)

इस योजना को तीन मुख्य हिस्सों में बांटा गया है: आवास, आर्थिक सहायता और खाद्यान्न।

  1. आवास की सुविधा: बिहार के सभी 38 जिलों में अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) के लिए 38 ‘जननायक कर्पूरी ठाकुर छात्रावास’ संचालित हैं । इसके अलावा, 25 जिलों में पिछड़ा वर्ग (BC) के लिए 29 अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास चल रहे हैं ।
  2. मासिक अनुदान (Hostel Grant): पहले छात्रों को ₹1,000 प्रति माह दिए जाते थे। लेकिन वित्तीय वर्ष 2025-26 से इसे बढ़ाकर ₹2,000 प्रति माह कर दिया गया है ।
  3. मुफ्त खाद्यान्न योजना (Food Grain Scheme): छात्रावास में रहने वाले प्रत्येक छात्र को हर महीने 15 किलो अनाज मुफ्त दिया जाता है। इसमें 9 किलो चावल और 6 किलो गेहूं शामिल होता है ।
  4. अन्य सुविधाएं: इन छात्रावासों में छात्रों को बेड, गद्दा, तकिया, पढ़ने के लिए टेबल-कुर्सी और रसोई के बर्तन सरकार की ओर से मिलते हैं । इसके अलावा, लाइब्रेरी, डिजिटल लाइब्रेरी, 24 घंटे बिजली और सुरक्षा के लिए CCTV की सुविधा भी दी जाती है ।

पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)

योजना का लाभ लेने के लिए छात्रों को निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना होगा:

  • निवासी: आवेदक बिहार राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए ।
  • वर्ग: छात्र पिछड़ा वर्ग (BC) या अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) से संबंधित होना चाहिए ।
  • आय सीमा: वित्तीय वर्ष 2026-27 से, आवेदन करने वाले छात्र के परिवार की वार्षिक आय ₹3,00,000 (3 लाख) से अधिक नहीं होनी चाहिए ।
  • शिक्षा: छात्र किसी मान्यता प्राप्त स्कूल, कॉलेज या तकनीकी संस्थान में पढ़ाई कर रहा हो ।
  • आयु: आवेदक की आयु 11 वर्ष से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए ।

आवश्यक दस्तावेज (Important Documents)

आवेदन के समय आपके पास नीचे दिए गए दस्तावेजों की स्कैन कॉपी (PDF फॉर्मेट में, अधिकतम 500KB) होनी चाहिए :

  1. आधार कार्ड।
  2. जाति प्रमाण पत्र।
  3. निवास प्रमाण पत्र।
  4. आय प्रमाण पत्र (3 लाख रुपये के अंदर)।
  5. शैक्षणिक योग्यता के प्रमाण पत्र (पिछली कक्षा की मार्कशीट और 10वीं का सर्टिफिकेट)।
  6. संस्थान में नामांकन (Admission) का प्रमाण।
  7. संस्थान के प्राचार्य (Principal) द्वारा हस्ताक्षरित अनुशंसा पत्र (Recommendation Letter)।
  8. बैंक खाता पासबुक (बैंक खाता आधार से सीडेड/DBT लिंक होना अनिवार्य है) ।
  9. पासपोर्ट साइज फोटो (छात्र, पिता और अधिकृत अभिभावक की)।

आवेदन कैसे करें? (Application Process)

छात्रावास में प्रवेश और अनुदान के लिए आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से होती है:

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया:

  1. सबसे पहले पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट bcebconline.bihar.gov.in या e-Kalyan पोर्टल पर जाएं ।
  2. ‘Student Registration’ पर क्लिक करें और अपनी जानकारी भरकर यूजर आईडी और पासवर्ड प्राप्त करें ।
  3. लॉगिन करने के बाद आवेदन फॉर्म में अपनी व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी ध्यानपूर्वक भरें।
  4. सभी आवश्यक दस्तावेजों को बताए गए साइज में अपलोड करें ।
  5. फॉर्म को फाइनल सबमिट करें और उसका प्रिंट आउट सुरक्षित रख लें।

ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया:

कुछ मामलों में, छात्र अपने जिला मुख्यालय स्थित ‘जिला कल्याण कार्यालय’ (District Welfare Office) से फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं और वहां आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा कर सकते हैं ।

महत्वपूर्ण तिथियां और चयन प्रक्रिया

छात्रावास में प्रवेश के लिए विभाग हर महीने एक निश्चित समय सीमा तय करता है। आमतौर पर महीने की 1 से 10 तारीख तक आवेदन लिए जाते हैं, जिसके बाद जिला कल्याण अधिकारी (DWO) द्वारा मेरिट लिस्ट जारी की जाती है ।

बिहार सरकार की यह योजना उन मेधावी छात्रों के लिए वरदान है जो गरीबी के कारण अपनी पढ़ाई छोड़ देते थे। ₹2,000 की मासिक सहायता और मुफ्त राशन मिलने से अब छात्रों को अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा और वे पूरी एकाग्रता के साथ अपनी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे।

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