बिहार में सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे एमबीबीएस (MBBS) पास युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए 1445 जूनियर रेजिडेंट (Junior Resident) डॉक्टरों की तैनाती की तैयारी तेज कर दी गई है । यह भर्ती राज्य के स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

भर्ती की मुख्य बातें और जिम्मेदारी
इस पूरी भर्ती प्रक्रिया का जिम्मा बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (BCECEB) को सौंपा गया है । यह बोर्ड 1995 के अधिनियम के तहत गठित एक वैधानिक संस्था है, जो राज्य में पारदर्शिता के साथ चयन प्रक्रिया सुनिश्चित करती है । हालिया अपडेट के अनुसार, बोर्ड ने इस भर्ती के लिए ‘प्रॉस्पेक्टस’ (विवरण पुस्तिका) का प्रारूप तैयार कर लिया है और स्वास्थ्य विभाग से इसकी मंजूरी भी मिल चुकी है । अब जल्द ही योग्य उम्मीदवारों का पैनल तैयार कर नियुक्ति की औपचारिक कार्रवाई शुरू की जाएगी ।
वेतन और मानदेय (Salary Structure)
चयनित होने वाले जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों को सरकार की ओर से हर महीने ₹65,000 का मानदेय (Honorarium) दिया जाएगा । यह मानदेय एक साल के कार्यकाल (Tenure) के लिए तय किया गया है । इसके अलावा, बिहार सरकार ने हाल ही में मेडिकल इंटर्न्स के स्टाइपेंड में भी ₹7,000 की बढ़ोतरी कर इसे ₹27,000 कर दिया है, जिससे चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाने वाले छात्रों को काफी आर्थिक राहत मिली है ।
पात्रता और योग्यता (Eligibility Criteria)
इस भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास निम्नलिखित योग्यताएं होनी अनिवार्य हैं:
- शैक्षणिक योग्यता: उम्मीदवार ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC/MCI) से मान्यता प्राप्त किसी भी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस (MBBS) की डिग्री प्राप्त की हो ।
- इंटर्नशिप: आवेदन के समय तक उम्मीदवार की अनिवार्य रोटेटिंग इंटर्नशिप पूरी होनी चाहिए ।
- पंजीकरण: उम्मीदवार का राज्य चिकित्सा परिषद या NMC में वैध स्थायी पंजीकरण होना आवश्यक है ।
एक महत्वपूर्ण बात यह है कि जो डॉक्टर पहले से ही बिहार स्वास्थ्य सेवा संवर्ग में नियमित रूप से कार्यरत हैं, वे इस नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकते ।
आयु सीमा और विशेष छूट
सरकार ने अलग-अलग वर्गों के लिए अधिकतम आयु सीमा इस प्रकार तय की है:
- अनारक्षित (पुरुष) / EWS: 37 वर्ष
- अनारक्षित (महिला) / BC / EBC (पुरुष और महिला): 40 वर्ष
- SC / ST (पुरुष और महिला): 42 वर्ष
इस बार सरकार ने दिव्यांग (PwBD) अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देते हुए उनकी अधिकतम आयु सीमा में 10 वर्ष की अतिरिक्त छूट देने का प्रावधान किया है ।
चयन प्रक्रिया : बिहार स्वास्थ्य विभाग भर्ती
1445 पदों पर होने वाली यह भर्ती पूरी तरह से मेधा सूची (Merit List) पर आधारित होगी । इसमें कोई अलग से लिखित परीक्षा नहीं ली जाएगी। मेधा सूची तैयार करने के लिए उम्मीदवारों के एमबीबीएस के अंकों को आधार बनाया जाएगा ।
- एमबीबीएस परीक्षा के कुल प्राप्तांक के प्रतिशत को 0.8 के गुणक (Factor) से गुणा करके अंक दिए जाते हैं।
- अगर किसी उम्मीदवार ने पीजी डिग्री या डिप्लोमा किया है, तो उन्हें क्रमशः 20 या 10 अतिरिक्त अंक दिए जा सकते हैं।
- विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स (FMG) के लिए उनके स्क्रीनिंग टेस्ट (FMGE) के अंकों को 0.6 के गुणक से जोड़कर मेधा सूची तैयार की जाएगी।
महत्वपूर्ण नियम और शर्तें : बिहार स्वास्थ्य विभाग भर्ती
- निजी प्रैक्टिस पर रोक: इस पद पर नियुक्त होने वाले डॉक्टर अपने कार्यकाल के दौरान किसी भी प्रकार की प्राइवेट प्रैक्टिस (Private Practice) नहीं कर सकेंगे ।
- ग्रामीण क्षेत्रों में तैनाती: सरकार ने हाल ही में ‘फ्लोटिंग पोस्ट’ (Floating Posts) के तहत 2580 नए पद सृजित किए हैं, ताकि नए एमबीबीएस पास डॉक्टरों को अनिवार्य रूप से ग्रामीण इलाकों में तैनात किया जा सके । इससे राज्य के दूर-दराज के क्षेत्रों में भी बेहतर इलाज मिल सकेगा।
- दस्तावेजों की जांच: चयन के बाद काउंसिलिंग के दौरान उम्मीदवारों को अपने सभी मूल प्रमाण पत्र और ‘नॉन-क्रीमी लेयर’ (NCL) सर्टिफिकेट प्रस्तुत करने होंगे। प्रमाण पत्र सही न होने पर आरक्षण का लाभ नहीं दिया जाएगा ।
बिहार सरकार का यह कदम राज्य की चिकित्सा व्यवस्था में सुधार लाने और युवा डॉक्टरों को अनुभव प्रदान करने का एक सुनहरा अवसर है। 1445 जूनियर रेजिडेंट्स की नियुक्ति से न केवल अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी दूर होगी, बल्कि स्वास्थ्य मिशन के उद्देश्यों को भी गति मिलेगी। इच्छुक उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे नियमित रूप से BCECEB की आधिकारिक वेबसाइट (bceceboard.bihar.gov.in) चेक करते रहें ।














