Mobile Only Menu
  • Home
  • ब्लॉग
  • बिहार वैज्ञानिकों की सांप डिटेक्टर तकनीक: अब सांपों के डर से मिलेगी मुक्ति, घरों में कदम भी नहीं रख पाएंगे ज़हरीले जीव
बिहार वैज्ञानिकों की सांप डिटेक्टर तकनीक 2025

बिहार वैज्ञानिकों की सांप डिटेक्टर तकनीक: अब सांपों के डर से मिलेगी मुक्ति, घरों में कदम भी नहीं रख पाएंगे ज़हरीले जीव

बिहार की मिट्टी ने हमेशा से ही दुनिया को बड़े-बड़े विद्वान और वैज्ञानिक दिए हैं। इसी कड़ी में मुजफ्फरपुर के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिसकी गूँज अब सात समंदर पार ब्रिटेन तक सुनाई दे रही है। बिहार के गांवों और बाढ़ प्रभावित इलाकों में सांपों का डर एक कड़वी हकीकत है, लेकिन अब मुजफ्फरपुर के वैज्ञानिकों ने इस डर का एक पक्का और आधुनिक समाधान ढूंढ निकाला है।

मुजफ्फरपुर का अनोखा ‘स्नेक डिटेक्टर बैरियर’

बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) के पूर्व साइंस डीन प्रो. मनेंद्र कुमार और पीजी जूलॉजी विभाग के डॉ. ब्रज किशोर प्रसाद सिंह ने मिलकर एक ‘स्नेक डिटेक्टर बैरियर’ (सर्प निवारक अवरोध) तैयार किया है। इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे यूनाइटेड किंगडम (UK) के इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टीज ऑफिस से पेटेंट मिल चुका है, जो इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट पहचान दिलाता है।

यह कैसे काम करता है? यह सिस्टम लोहे (जंग-प्रतिरोधी माइल्ड स्टील) से बना एक ‘डुअल लेयर रिपेलेंट स्टेशन’ है। इसके ऊपरी हिस्से में कंकड़, रेत और कुछ रसायनों जैसे कार्बोलिक एसिड, लौंग के तेल या सिट्रोनेला का मिश्रण भरा जाता है।

  1. तीखी गंध: इन रसायनों की प्रतिक्रिया से एक ऐसी गंध निकलती है जिसे सांप बर्दाश्त नहीं कर पाते और उस क्षेत्र से दूर चले जाते हैं।
  2. स्मार्ट अलर्ट: जब इस मिश्रण की गंध कम होने लगती है, तो सिस्टम में लगी एलईडी (LED) लाइट जलने लगती है और वायरलेस सिग्नल के जरिए घर के मालिक को अलर्ट मिल जाता है।
  3. सोलर पावर: ठंडे मौसम में भी गंध का फैलाव सही ढंग से हो सके, इसके लिए इसमें सोलर हीट प्लेट लगाई गई है।

IIT पटना के ‘रोबोटिक सांप’ और बचाव बिहार वैज्ञानिकों की सांप डिटेक्टर तकनीक

सिर्फ मुजफ्फरपुर ही नहीं, बल्कि IIT पटना के वैज्ञानिक भी इस दिशा में शानदार काम कर रहे हैं। यहाँ की मेकाट्रॉनिक्स प्रयोगशाला में ‘एम्फीबियस स्नेक रोबोट’ (Amphibot) विकसित किए गए हैं । ये रोबोट सांपों की तरह ज़मीन और पानी दोनों जगह चल सकते हैं। बिहार जैसे राज्य में जहाँ हर साल बाढ़ आती है, ये रोबोट ऐसे संकरे और खतरनाक इलाकों में जाकर राहत कार्य कर सकते हैं जहाँ इंसान या सामान्य मशीनें नहीं पहुँच सकतीं। यह तकनीक बाढ़ के समय विस्थापित हुए जहरीले सांपों और इंसानों के बीच होने वाले टकराव को कम करने में मदद करेगी।

कृषि और प्रकृति का तालमेल: BAU सबौर की भूमिका

बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU), सबौर के वैज्ञानिकों ने एक अलग नज़रिया अपनाया है। उन्होंने सांपों को आबादी से दूर रखने के लिए ‘एग्रो-टेक्नोलॉजी’ का सहारा लिया है । वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि वे मुख्य फसलों के बीच ‘स्नेक गॉर्ड’ (चिचिंडा) और अन्य जातीय सब्जियों की खेती करें। यह विविधता न केवल चूहों (जो सांपों का मुख्य भोजन हैं) की आबादी को नियंत्रित करती है, बल्कि खेतों के वातावरण को सांपों के रहने के लिए कम अनुकूल बनाती है ।

एक नई प्रजाति की खोज और AI का साथ

हाल ही में बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) में वैज्ञानिकों ने सांप की एक बिल्कुल नई प्रजाति अहेतुल्ला लोंगीरोस्ट्रिस’ (Ahaetulla longirostris) यानी लंबी थूथन वाले वाइन स्नेक की खोज की है। इस खोज ने बिहार को वैश्विक हपेटोलॉजी (सरीसृप विज्ञान) के नक्शे पर ला खड़ा किया है।

इसके साथ ही, राज्य के कुछ हिस्सों में AI आधारित ‘स्मार्ट स्नेक ट्रैपिंग डिवाइस’ का परीक्षण भी किया जा रहा है । यह डिवाइस सांप के अंदर आते ही उसकी फोटो खींचता है और AI के जरिए पहचान करता है कि सांप जहरीला है या नहीं। इसके तुरंत बाद यह स्थानीय रेस्क्यू टीम को अलर्ट भेज देता है ।

बिहार वैज्ञानिकों की सांप डिटेक्टर तकनीक के पीछे की भावना

बिहार में हर साल सांपों के काटने से हजारों मौतें होती हैं। वैज्ञानिकों का यह प्रयास केवल ‘मशीन बनाना’ नहीं है, बल्कि उन गरीब किसानों और परिवारों को सुरक्षा देना है जो रात में खेतों में काम करते हुए या ज़मीन पर सोते हुए अपनी जान जोखिम में डालते हैं। यह तकनीक डर की जगह ज्ञान और सुरक्षा को स्थापित कर रही है।

Releated Posts

मुख्यमंत्री उद्यमी योजना 2026: 10 लाख की मदद से शुरू करें अपना बिजनेस, जानें आवेदन की हर बारीक जानकारी

अगर आप भी अपना खुद का बिजनेस शुरू करने का सपना देख रहे हैं लेकिन पैसों की कमी…

ByByPrachi Singh Mar 20, 2026

पटना की पुनपुन नदी में गुलाबी जहरीला झाग: कारण, खतरे और समाधान

बिहार की राजधानी पटना के पास बहने वाली पुनपुन नदी, जो लाखों लोगों के लिए धार्मिक और कृषि…

ByByManvinder Mishra Mar 15, 2026

बिहार का खेल जगत में डंका: Sportstar Aces Awards 2026 में बना ‘बेस्ट स्टेट’

मार्च 2026 की एक शाम मुंबई के प्रतिष्ठित ताज महल पैलेस होटल में बिहार के लिए एक ऐतिहासिक…

ByByManvinder Mishra Mar 15, 2026

पापमोचनी एकादशी 2026: शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत कथा की पूरी जानकारी

वर्ष 2026 में पापमोचनी एकादशी का व्रत बहुत ही खास संयोगों के साथ आ रहा है। यह चैत्र…

ByByHarshvardhan Mar 15, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top