Mobile Only Menu
  • Home
  • ब्लॉग
  • बिहार के 10 महापुरुष जो पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हैं
bihar famous people

बिहार के 10 महापुरुष जो पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हैं

बिहार की धरती हमेशा से ज्ञान, साहस और महानता का प्रतीक रही है। यह वह भूमि है जहां से दुनिया को ज्ञान, धर्म, विज्ञान और राजनीति के अनमोल रत्न मिले हैं। जब भी बिहार की बात होती है, तो अक्सर लोग इसकी समस्याओं की चर्चा करते हैं। लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि इसी मिट्टी ने ऐसे महापुरुषों को जन्म दिया है जिन्होंने पूरी दुनिया में अपना नाम रोशन किया।​

आज हम बात करेंगे ऐसे ही दस महापुरुषों की, जिन्होंने बिहार का नाम विश्व मंच पर स्वर्णाक्षरों में लिखवाया। इनकी कहानियां प्रेरणा देती हैं और गर्व का अनुभव कराती हैं।

bihar famous people

1. भगवान गौतम बुद्ध – शांति और अहिंसा के दूत

जब दुनिया भर में शांति और करुणा की बात होती है, तो सबसे पहले नाम आता है भगवान गौतम बुद्ध का। बिहार की धरती पर ही, बोधगया में पीपल के पेड़ के नीचे, सिद्धार्थ को ज्ञान की प्राप्ति हुई और वे गौतम बुद्ध बन गए। उनका जन्म नेपाल की तराई में 563 ईसा पूर्व में हुआ था, लेकिन बिहार उनकी कर्मभूमि बनी।

बौद्ध धर्म आज दुनिया का चौथा सबसे बड़ा धर्म है। बुद्ध की शिक्षाओं ने पूरे एशिया को प्रभावित किया और आज भी करोड़ों लोग उनके मार्ग पर चलते हैं। बिहार में ही नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना हुई, जो बौद्ध शिक्षा का केंद्र बना। बुद्ध ने मगध और कोसल क्षेत्र में 40 वर्षों तक अपनी शिक्षाएं दीं। उनका संदेश सरल था – सत्य, अहिंसा और करुणा। यह संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है।

2. भगवान महावीर – जैन धर्म के संस्थापक

बिहार ने दुनिया को दो महान धर्म दिए – बौद्ध और जैन। भगवान महावीर जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर थे। उनका जन्म 599 ईसा पूर्व में बिहार के वैशाली जिले के कुंडलग्राम में हुआ था।​​

महावीर ने अहिंसा का सबसे कठोर संदेश दिया। उन्होंने सिखाया कि हर जीव में आत्मा होती है और किसी को भी कष्ट नहीं पहुंचाना चाहिए। उनकी शिक्षाओं ने भारतीय संस्कृति को गहराई से प्रभावित किया। आज विश्व भर में लाखों जैन अनुयायी उनके बताए मार्ग पर चलते हैं। महावीर ने 30 वर्षों तक मगध और कोसल में अपने उपदेश दिए।

3. चाणक्य – कूटनीति के जनक

चाणक्य, जिन्हें कौटिल्य और विष्णुगुप्त के नाम से भी जाना जाता है, विश्व के सबसे महान राजनीतिज्ञ और अर्थशास्त्री थे। उनका जन्म पाटलिपुत्र (आधुनिक पटना) में हुआ था।

चाणक्य ने चंद्रगुप्त मौर्य को प्रशिक्षित किया और मौर्य साम्राज्य की नींव रखी। उनकी रचना “अर्थशास्त्र” आज भी राजनीति और प्रशासन का महत्वपूर्ण ग्रंथ माना जाता है। चाणक्य की कूटनीति और रणनीतियां आज भी पढ़ाई जाती हैं। उन्होंने भारत को एक सूत्र में बांधने का सपना देखा और उसे साकार किया। विदेश नीति विशेषज्ञ आज भी उनके अर्थशास्त्र को सम्मान से पढ़ते हैं।

4. चंद्रगुप्त मौर्य – भारत के पहले सम्राट

चंद्रगुप्त मौर्य का जन्म पाटलिपुत्र (वर्तमान पटना) में लगभग 340 ईसा पूर्व में हुआ था। उन्होंने मौर्य साम्राज्य की स्थापना की, जो भारतीय इतिहास का पहला विशाल साम्राज्य था।

चंद्रगुप्त ने नंद वंश को हराकर 322 ईसा पूर्व में मगध की गद्दी संभाली। उनका साम्राज्य अफगानिस्तान से लेकर बंगाल तक फैला हुआ था। उन्होंने सिकंदर के उत्तराधिकारी सेल्यूकस को भी हराया। चंद्रगुप्त ने भारत को एक राजनीतिक इकाई के रूप में स्थापित किया। उनके नेतृत्व में भारत की वैश्विक अर्थव्यवस्था में 40% हिस्सेदारी थी। उनकी प्रशासनिक व्यवस्था इतनी मजबूत थी कि उनके पौत्र अशोक के शासनकाल तक साम्राज्य फलता-फूलता रहा।

5. सम्राट अशोक – महानतम शासक

सम्राट अशोक मौर्य साम्राज्य के तीसरे और सबसे महान शासक थे। उनकी राजधानी पाटलिपुत्र (पटना) थी। वे 268 ईसा पूर्व से 232 ईसा पूर्व तक शासन करते रहे।

कलिंग युद्ध के बाद अशोक ने हिंसा त्याग दी और बौद्ध धर्म अपना लिया। उन्होंने “धम्म विजय” का मार्ग अपनाया। अशोक ने बौद्ध धर्म को पूरे एशिया में फैलाया। उनके शिलालेख और स्तंभ आज भी भारतीय इतिहास के महत्वपूर्ण स्रोत हैं। भारत के राष्ट्रीय ध्वज में अशोक चक्र उनकी ही देन है। अशोक को भारतीय इतिहास का सबसे सफल और प्रसिद्ध शासक माना जाता है। उनके 40 वर्षों के शासनकाल में शांति, समृद्धि और प्रगति का दौर रहा।

6. आर्यभट्ट – गणित और खगोल विज्ञान के जनक

आर्यभट्ट का जन्म 476 ईस्वी में पाटलिपुत्र (पटना) में हुआ था। वे प्राचीन भारत के सबसे महान गणितज्ञ और खगोलशास्त्री थे।

आर्यभट्ट ने शून्य की अवधारणा दी और दशमलव प्रणाली विकसित की। उन्होंने पाई (π) का मान 3.1416 निकाला, जो वास्तविक मान के बेहद करीब है। आर्यभट्ट ने बताया कि पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है और चंद्रमा और ग्रह सूर्य के प्रकाश से चमकते हैं। उन्होंने चंद्रग्रहण और सूर्यग्रहण का वैज्ञानिक कारण बताया। उनकी रचना “आर्यभटीय” विश्व भर में सम्मानित है। अरब और यूरोपीय गणितज्ञों ने उनकी खोजों से प्रेरणा ली। आर्यभट्ट का नाम आज भी गणित और विज्ञान की दुनिया में सम्मान से लिया जाता है।

7. डॉ. राजेंद्र प्रसाद – भारत के प्रथम राष्ट्रपति

डॉ. राजेंद्र प्रसाद का जन्म 3 दिसंबर 1884 को बिहार के सीवान जिले के जीरादेई गांव में हुआ था। वे भारत के प्रथम राष्ट्रपति थे।​​

राजेंद्र प्रसाद महान स्वतंत्रता सेनानी थे और महात्मा गांधी के करीबी सहयोगी रहे। वे संविधान सभा के अध्यक्ष थे। उन्हें उनकी सादगी, ईमानदारी और बुद्धिमत्ता के लिए जाना जाता था। राष्ट्रपति बनने के बाद भी उन्होंने सादा जीवन जिया। 1962 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया। डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने भारतीय लोकतंत्र की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।​​

8. जयप्रकाश नारायण – लोकनायक

जयप्रकाश नारायण का जन्म 11 अक्टूबर 1902 को छपरा, बिहार में हुआ था। उन्हें ‘जेपी’ और ‘लोकनायक’ के नाम से जाना जाता है।​​

जयप्रकाश नारायण ने 1974 में “संपूर्ण क्रांति” का आह्वान किया। पटना के गांधी मैदान में उनका भाषण ऐतिहासिक था। उन्होंने भ्रष्टाचार और तानाशाही के खिलाफ आवाज उठाई। 1975 में आपातकाल के दौरान वे लोकतंत्र के रक्षक बने। उनके नेतृत्व में जनता पार्टी ने 1977 में चुनाव जीता। उन्हें 1999 में मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया। जेपी की विरासत आज भी प्रेरणा देती है।

9. उस्ताद बिस्मिल्लाह खान – शहनाई के जादूगर

उस्ताद बिस्मिल्लाह खान का जन्म 21 मार्च 1916 को डुमराव, बिहार में हुआ था। वे विश्व प्रसिद्ध शहनाई वादक थे।​​

बिस्मिल्लाह खान ने शहनाई को एक लोक वाद्य से शास्त्रीय संगीत का प्रतिष्ठित वाद्य बना दिया। 15 अगस्त 1947 को लाल किले पर आजादी के समय उन्होंने शहनाई बजाई। उनका संगीत विश्व भर में सराहा गया। उन्होंने एडिनबर्ग महोत्सव, कार्नेगी हॉल और रॉयल अल्बर्ट हॉल में प्रदर्शन किया। 2001 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया। वे हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक थे। उनका संगीत आज भी अमर है।​​

10. महेंद्र सिंह धोनी – कप्तान कूल

महेंद्र सिंह धोनी का जन्म 7 जुलाई 1981 को रांची (तब बिहार का हिस्सा) में हुआ था। वे भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तान हैं।

धोनी ने भारत को 2007 में टी20 विश्व कप, 2011 में वनडे विश्व कप और 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी जिताई। वे एकमात्र कप्तान हैं जिन्होंने तीनों ICC ट्रॉफियां जीतीं। 2011 विश्व कप फाइनल में उनका छक्का आज भी याद किया जाता है। उन्होंने भारत को टेस्ट रैंकिंग में पहली बार नंबर 1 बनाया। धोनी “कप्तान कूल” के नाम से मशहूर हैं। उन्हें 2025 में ICC क्रिकेट हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया। छोटे शहर से आकर धोनी ने लाखों युवाओं को प्रेरित किया।

Releated Posts

क्या है मोबाइल डेटा टैक्स का पूरा मामला?

भारत में दुनिया का सबसे सस्ता इंटरनेट मिलता है, लेकिन अब यह स्थिति बदल सकती है। ताजा मीडिया…

ByByHarshvardhan Mar 14, 2026

बिहार दिवस 2026: गौरवशाली इतिहास और आधुनिक भविष्य का संगम

बिहार हर साल 22 मार्च को अपना स्थापना दिवस (बिहार दिवस) गर्व और उत्साह के साथ मनाता है।…

ByByManvinder Mishra Mar 14, 2026

बिहार की स्वास्थ्य क्रांति: IGIMS पटना में पहली सफल रोबोटिक सर्जरी

IGIMS पटना ने लगभग 27 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक ‘दा विंची’ (da Vinci) रोबोटिक सिस्टम और…

ByByPrachi Singh Mar 13, 2026

बिहार प्रीमियर और कॉरपोरेट लीग 2026: टीमों से लेकर ऑक्शन तक, जानें क्रिकेट के इस महाकुंभ की पूरी जानकारी

बिहार में क्रिकेट का जूनून अब एक नए स्तर पर पहुँच गया है। पिछले कुछ वर्षों में राज्य…

ByByManvinder Mishra Mar 11, 2026
1 Comments Text
  • Binance推荐 says:
    Your comment is awaiting moderation. This is a preview; your comment will be visible after it has been approved.
    Your point of view caught my eye and was very interesting. Thanks. I have a question for you.
  • Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    Scroll to Top