भारतीय रेलवे ने IRCTC फर्जी खातों की सफाई : असली यात्रियों के लिए बड़ी जीत पर फर्जी खातों के खिलाफ चलाई जा रही कार्रवाई में शानदार परिणाम दिखाए हैं। इस अभियान का सीधा असर यह देखा जा रहा है कि रोजाना नई यूजर आईडी बनने की संख्या लगभग 1 लाख से गिरकर महज 5,000 रह गई है। यह बदलाव पिछले कुछ महीनों में लागू किए गए सख्त आइडेंटिटी वेरिफिकेशन सिस्टम की वजह से संभव हुआ है।

इतना बड़ा ऑपरेशन, इतने फर्जी खाते
रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस पूरे अभियान में कुल 3.03 करोड़ फर्जी खातों को स्थायी रूप से निष्क्रिय कर दिया गया है। इसके अलावा, करीब 2.7 करोड़ ऐसे खातों की पहचान की गई है जिन पर संदेह है कि वे अवैध कामों में इस्तेमाल हो रहे हैं, इसलिए उन्हें अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया गया है।
यह संख्या इतनी बड़ी क्यों है? दरअसल, ये फर्जी खाते दलालों, टाउटों और बॉट्स के हाथों में थे जो त्योहार के मौसम और छुट्टियों के दिनों में सेकंडों में हजारों टिकटें हड़प लेते थे। फिर ये टिकटें ब्लैक में बेची जाती थीं, जिससे असली यात्रियों को या तो टिकट नहीं मिलती थीं या बहुत ज्यादा कीमत चुकानी पड़ती थी।
रेलवे का नया हथियार : पक्का आइडेंटिटी चेक
रेलवे ने इस समस्या को हल करने के लिए एक मजबूत आइडेंटिटी वेरिफिकेशन सिस्टम लागू किया है। इस सिस्टम के अंतर्गत, आधार वेरिफाई किए हुए यूजर्स बिना किसी देरी के आसानी से टिकट बुक कर सकते हैं। जिन लोगों के पास आधार सत्यापन नहीं है, उनके लिए भी नियम बनाए गए हैं, लेकिन उन्हें कुछ शर्तों का पालन करना होता है।
असल में क्या बदला है आम यात्री के लिए?
इस कार्रवाई का सबसे अच्छा प्रभाव आम यात्रियों को दिख रहा है। पहले जब आप आईआरसीटीसी ऐप खोलते थे, तो अक्सर “वेटिंग लिस्ट” या “सोल्ड आउट” का संदेश आता था। ये सारी टिकटें दलालों के बॉट्स ने खरीद ली होती थीं। अब ऐसा नहीं हो रहा। असली पैसेंजरों को टिकटें मिल रही हैं, और जो लोग ताताल टिकटें लेना चाहते हैं उन्हें अब ज्यादा समय मिल रहा है।
संख्याओं से समझें असर
प्रतिदिन भारतीय रेलवे पर 10-12 लाख टिकटें बुक होती हैं। ऐसे में, यह सफाई-अभियान बेहद जरूरी था। इसकी वजह से:
- “बुकिंग फेल” के संदेश कम आ रहे हैं
- असली यात्रियों को टिकटें मिलने की संभावना बढ़ गई है
- ई-टिकटिंग अब 87% से ज्यादा रिजर्व्ड टिकटें बनाती है
अब आपको क्या करना चाहिए?
अगर आपने अभी तक अपने IRCTC फर्जी खातों की सफाई : असली यात्रियों के लिए बड़ी जीत खाते को वेरिफाई नहीं कराया है, तो जल्दी करवा लें। रेलवे की योजना है कि भविष्य में सिर्फ सत्यापित और असली यूजर आईडी से ही टिकट बुकिंग हो सके। इसलिए जो लोग अपने खातों को वेरिफाई नहीं कराएंगे, उन्हें आगे चलकर टिकट बुकिंग में परेशानी हो सकती है।
यह पूरा अभियान असल में आम जनता के पक्ष में एक बड़ा कदम है। जब दलाल और बॉट्स को रोका जाता है, तो असली यात्रियों को सुविधा मिलती है।















