भारत सरकार ने ‘विकसित भारत @2047’ के सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PMVBRY) की शुरुआत की है । इस योजना की घोषणा केंद्रीय बजट 2024-25 में की गई थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2025 को लाल किले की प्राचीर से इसे युवाओं के लिए एक “बड़ा दिवाली उपहार” बताया । लगभग ₹99,446 करोड़ के बजट वाली यह योजना अगले दो वर्षों में देश के 3.5 करोड़ युवाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखती है ।

क्या है प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना?
यह एक ‘एम्प्लॉयमेंट लिंक्ड इंसेंटिव’ (ELI) योजना है, जिसका उद्देश्य औपचारिक अर्थव्यवस्था (Formal Economy) में नए रोजगार पैदा करना है । इस योजना के जरिए सरकार उन युवाओं को आर्थिक मदद देती है जो पहली बार नौकरी शुरू कर रहे हैं, साथ ही उन कंपनियों को भी प्रोत्साहित करती है जो नए लोगों को काम पर रख रही हैं ।
यह योजना मुख्य रूप से दो भागों में विभाजित है:
- भाग ए (Part A): पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं के लिए प्रत्यक्ष नकद सहायता।
- भाग बी (Part B): नए रोजगार सृजित करने वाले नियोक्ताओं (Employers) के लिए वित्तीय प्रोत्साहन।
युवाओं के लिए लाभ : पहली नौकरी पर ₹15,000 का बोनस
जो युवा पहली बार किसी औपचारिक क्षेत्र (EPFO में पंजीकृत कंपनी) में नौकरी शुरू कर रहे हैं, सरकार उन्हें एक महीने के वेतन के बराबर (अधिकतम ₹15,000) प्रोत्साहन राशि देती है ।
किश्तों का विवरण:
यह राशि दो किश्तों में सीधे कर्मचारी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते (DBT) में भेजी जाती है:
- पहली किश्त (₹7,500 तक): एक ही कंपनी में लगातार 6 महीने की नौकरी पूरी करने पर ।
- दूसरी किश्त: 12 महीने की नौकरी पूरी करने और अनिवार्य ‘वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम’ (Financial Literacy Programme) को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद ।
बचत की आदत: सरकार दूसरी किश्त का एक हिस्सा एक विशेष बचत खाते या निवेश उपकरण में जमा करती है, जिसे कर्मचारी एक निश्चित समय के बाद ही निकाल सकते हैं। इसका उद्देश्य युवाओं में बचत और वित्तीय अनुशासन की आदत डालना है 2।
नियोक्ताओं के लिए प्रोत्साहन
यह हिस्सा उन कंपनियों के लिए है जो अपने यहाँ कर्मचारियों की संख्या बढ़ाती हैं। सरकार प्रत्येक नए कर्मचारी पर नियोक्ता को ₹3,000 प्रति माह तक का प्रोत्साहन देती है ।
| मासिक ईपीएफ वेतन (₹) | नियोक्ता को मासिक प्रोत्साहन (प्रति कर्मचारी) | प्रोत्साहन अवधि |
| ₹10,000 तक | वेतन का 10% (अधिकतम ₹1,000) | 2 साल (अन्य क्षेत्र) |
| ₹10,001 से ₹20,000 | ₹2,000 | 2 साल (अन्य क्षेत्र) |
| ₹20,001 से ₹1,00,000 | ₹3,000 | 2 साल (अन्य क्षेत्र) |
विशेष नोट: विनिर्माण (Manufacturing) क्षेत्र की कंपनियों के लिए यह प्रोत्साहन अवधि 4 वर्षों तक बढ़ाई गई है ताकि ‘मेक इन इंडिया’ को और मजबूती मिल सके ।
योजना के लिए पात्रता शर्तें
कर्मचारियों के लिए:
- पहली बार ईपीएफओ (EPFO) में पंजीकरण होना चाहिए।
- मासिक वेतन ₹1,00,000 से कम होना अनिवार्य है ।
- नौकरी 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच शुरू की गई हो ।
नियोक्ताओं के लिए:
- प्रतिष्ठान ईपीएफओ में पंजीकृत होना चाहिए ।
- छोटे नियोक्ताओं (50 से कम कर्मचारी) को कम से कम 2 नए कर्मचारी और बड़े नियोक्ताओं को कम से कम 5 नए कर्मचारी जोड़ने होंगे ।
आवेदन कैसे करें?
इस योजना की सबसे अच्छी बात यह है कि इसके लिए किसी भी कठिन कागजी कार्रवाई की जरूरत नहीं है। पूरी प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी है:
- UAN जनरेट करना: पहली बार नौकरी करने वाले युवाओं को UMANG ऐप पर जाकर ‘फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी’ (FAT) के जरिए अपना यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) बनाना और सक्रिय करना होगा ।
- आधार सीडिंग: सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता आधार से जुड़ा हुआ है, क्योंकि पैसा केवल DBT के माध्यम से ही आएगा 1।
- नियोक्ता का पंजीकरण: नियोक्ताओं को ईपीएफओ के आधिकारिक पोर्टल (pmvbry.epfindia.gov.in) पर जाकर अपना पैन (PAN) और जीएसटीएन (GSTN) विवरण दर्ज कर रजिस्टर करना होगा ।
- वित्तीय साक्षरता कोर्स: दूसरी किश्त पाने के लिए कर्मचारी को ईपीएफओ पोर्टल पर उपलब्ध मुफ्त ऑनलाइन कोर्स पूरा करना होगा 1।
एक उज्जवल भविष्य की नींव
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना केवल एक वित्तीय सहायता योजना नहीं है, बल्कि यह युवाओं को सशक्त बनाने और भारतीय श्रम बाजार को आधुनिक बनाने का एक महा-अभियान है । ₹1 लाख करोड़ के निवेश और 3.5 करोड़ नौकरियों के लक्ष्य के साथ, यह योजना भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के पथ पर सबसे मजबूत स्तंभ साबित होगी ।
यदि आप एक युवा हैं या एक नियोक्ता, तो इस अवसर का लाभ उठाकर देश की विकास यात्रा का हिस्सा बनें।














