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बिहार की सियासत में अबकी बार क्या होने वाला है?
बिहार में इस बार का चुनाव काफी दिलचस्प हो गया है। 6 नवंबर और 11 नवंबर को दो चरणों में वोटिंग हो रही है, और 14 नवंबर को पता चलेगा कि किसकी बल्ले-बल्ले होगी।
पहले चरण में तो धमाल मच गया
6 नवंबर को जब पहले चरण की वोटिंग हुई तो सबको चौंका दिया – पूरे 64.66% लोगों ने वोट डाला। ये तो बिहार के इतिहास में सबसे ज्यादा है! 2020 में सिर्फ 57% लोग आए थे वोट डालने, लेकिन इस बार तो जैसे लोगों में जोश भर गया।
सबसे खास बात – महिलाओं ने इस बार कमाल कर दिया। करीब 69% महिलाएं वोट डालने पहुंच गईं। अब देखना ये है कि ये वोट किसके पक्ष में गए – नीतीश कुमार के 10 हजार रुपये वाले या तेजस्वी के 30 हजार रुपये के वादे के?
सर्वे क्या कह रहे हैं ? Bihar election Prediction
अलग-अलग सर्वे करने वालों ने अपनी-अपनी भविष्यवाणी की है। कोई कह रहा NDA जीतेगा, कोई कह रहा महागठबंधन का गेम है।
एक बड़े सर्वे (Polstrat) के मुताबिक NDA को 133 से 142 सीटें मिल सकती हैं, जबकि महागठबंधन को 80 से 88 के बीच। मतलब NDA की जीत का अनुमान है।
दूसरे सर्वे (Times Now) में भी NDA को 120-140 सीटें और महागठबंधन को 93-112 सीटें मिलने का अंदाजा लगाया गया। बीजेपी को अकेले 70-81 सीटें, जेडीयू को 42-48, और RJD को 69-78 सीटें मिल सकती हैं।
असली खेल तो ये तीन चीजें खेलेंगी
महिलाएं का वोट : इस बार महिलाएं किंगमेकर बन गई हैं। उनको NDA ने 10 हजार दिए, महागठबंधन 30 हजार का वादा कर रहा है। लेकिन प्रशांत किशोर कह रहे हैं कि औरतें सिर्फ पैसे के लिए वोट नहीं देंगी, उनके मन में कुछ और भी चल रहा है।
बाहर से आए मजदूर: छठ पर घर लौटे प्रवासी मजदूरों ने इस बार खूब वोट डाले। प्रशांत किशोर का कहना है कि ये लोग बदलाव चाहते हैं क्योंकि उन्हें बिहार से बाहर जाकर काम करना पड़ता है।
प्रशांत किशोर का धमाका: प्रशांत किशोर की Jan Suraaj पार्टी पहली बार चुनाव में उतरी है और सभी 243 सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए हैं। कुछ लोगों को लग रहा है कि ये महागठबंधन के वोट काट सकते हैं। तेजस्वी यादव कह रहे हैं कि इनका कोई असर नहीं पड़ेगा।
ज्यादा वोटिंग का मतलब क्या?
अब सबसे बड़ा सवाल – इतनी ज्यादा वोटिंग किसके पक्ष में है? मोदी जी कह रहे हैं कि लोगों ने नीतीश और NDA पर भरोसा जताया है। तेजस्वी कह रहे हैं कि लोग बदलाव चाहते हैं इसलिए इतने वोट पड़े।
देखिए, ऐसा जरूरी नहीं कि ज्यादा वोटिंग मतलब सरकार बदलेगी ही। 2010 में कम वोटिंग में NDA को 206 सीटें मिली थीं, 2015 में ज्यादा वोटिंग में महागठबंधन जीता। तो अभी कुछ भी पक्का नहीं कहा जा सकता।
लोगों को CM कौन चाहिए?
दिलचस्प बात ये है कि सर्वे में 33% लोग तेजस्वी यादव को CM के रूप में देखना चाहते हैं, जबकि नीतीश कुमार को सिर्फ 29% का समर्थन मिला। मतलब तेजस्वी की लोकप्रियता बढ़ी है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि वो जीत ही जाएंगे।
अभी तो आधा खेल बाकी है
11 नवंबर को दूसरे चरण की वोटिंग होगी बाकी 122 सीटों पर। गंगा के उत्तर वाली सीटें काफी अहम मानी जाती हैं। वहां का मूड कैसा है, ये देखना बाकी है।
किसकी बनेगी सरकार ? Bihar election Prediction
अभी के हिसाब से तो NDA को थोड़ी बढ़त दिख रही है, लेकिन चुनाव अभी काफी टाइट है। महिलाओं का वोट, मजदूरों का मूड, और प्रशांत किशोर की एंट्री – ये तीनों चीजें गेम चेंजर साबित हो सकती हैं।
असली सच तो 14 नवंबर को ही पता चलेगा जब वोटों की गिनती होगी। अभी तो बस अंदाजे लगाए जा रहे हैं। बिहार की जनता ने क्या फैसला किया है, वो जल्द ही पता चल जाएगा!


















