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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ 2026: जानिए पूरा शेड्यूल और क्या है सरकार का मास्टर प्लान

बिहार की राजनीति और प्रशासनिक कार्यशैली में ‘यात्राओं’ का विशेष महत्व रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर जनता के बीच उनके सुख-दुख साझा करने और विकास कार्यों की जमीनी हकीकत जानने के लिए सड़कों पर उतरने जा रहे हैं 1। 16 जनवरी 2026 से शुरू होने वाली इस यात्रा को ‘समृद्धि यात्रा’ का नाम दिया गया है। यह उनकी सत्ता संभालने के बाद से 17वीं बड़ी यात्रा है ।

मकर संक्रांति के ठीक बाद शुरू होने वाली यह यात्रा न केवल विकास कार्यों की समीक्षा है, बल्कि जनता से सीधा संवाद साधने की एक बड़ी पहल भी है।

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समृद्धि यात्रा : कब और कहाँ से शुरू होगी यात्रा?

आधिकारिक घोषणा के अनुसार, मुख्यमंत्री अपनी इस महत्वाकांक्षी यात्रा की शुरुआत 16 जनवरी 2026 को पश्चिम चंपारण (बेतिया) से करेंगे । चंपारण की धरती नीतीश कुमार के लिए हमेशा से ‘लकी’ मानी जाती रही है; उनकी पिछली अधिकांश ऐतिहासिक यात्राओं का शंखनाद यहीं से हुआ है ।

पहले चरण की यह यात्रा लगातार 8 दिनों तक (रविवार को छोड़कर) चलेगी और 24 जनवरी 2026 को वैशाली में इसका समापन होगा ।

समृद्धि यात्रा 2026: पहले चरण का जिलावार शेड्यूल (Schedule)

मुख्यमंत्री पहले चरण में उत्तर बिहार के 9 प्रमुख जिलों का दौरा करेंगे। यहाँ देखें पूरा कार्यक्रम:

तारीखजिलामुख्य गतिविधियाँ
16 जनवरीपश्चिम चंपारण (बेतिया)यात्रा का शुभारंभ और योजनाओं का निरीक्षण
17 जनवरीपूर्वी चंपारण (मोतिहारी)विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं जन संवाद
18 जनवरीरविवार – विश्राम का दिन
19 जनवरीसीतामढ़ी एवं शिवहरबाढ़ नियंत्रण और सड़क योजनाओं की समीक्षा
20 जनवरीगोपालगंजसरकारी योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण
21 जनवरीसिवानजन संवाद और प्रशासनिक बैठक
22 जनवरीसारण (छपरा)सुशासन और विकास कार्यों का जायजा
23 जनवरीमुजफ्फरपुरऔद्योगिक और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स की समीक्षा
24 जनवरीवैशालीपहले चरण का समापन

समृद्धि यात्रा :इस यात्रा के पीछे का मुख्य उद्देश्य

समृद्धि यात्रा का उद्देश्य केवल जिलों का भ्रमण करना नहीं है, बल्कि शासन को अधिक उत्तरदायी बनाना है। मुख्य रूप से चार कार्यक्रमों पर फोकस किया जाएगा :

  1. सात निश्चय योजनाओं की समीक्षा: ‘हर घर नल का जल’ और ग्रामीण सोलर लाइट जैसी योजनाओं की जमीनी स्थिति को मुख्यमंत्री खुद परखेंगे ।
  2. प्रगति यात्रा के वादों का ऑडिट: दिसंबर 2024 में हुई ‘प्रगति यात्रा’ के दौरान दिए गए निर्देशों और शुरू किए गए कार्यों की प्रगति की जांच की जाएगी ।
  3. जन संवाद (Jan Samvad): मुख्यमंत्री हर जिले में आम जनता से सीधे बात करेंगे, उनकी शिकायतें सुनेंगे और मौके पर ही अधिकारियों को समाधान के निर्देश देंगे ।
  4. नई परियोजनाओं का शिलान्यास: कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं का उद्घाटन और नए कार्यों का शिलान्यास भी इसी दौरान होगा ।

समृद्धि यात्रा : प्रशासन का ‘सचल सचिवालय’

इस यात्रा के दौरान पूरा सरकारी तंत्र सक्रिय रहेगा। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी विभागों के अपर मुख्य सचिवों और सचिवों को निर्देश दिया है कि वे अपने विभाग से संबंधित निरीक्षणों के समय मौके पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें । जिलास्तरीय बैठकों में पुलिस महानिदेशक (DGP) भी मौजूद रहेंगे ताकि सुरक्षा और कानून व्यवस्था की गहन समीक्षा की जा सके ।

इसे एक तरह का ‘सचल सचिवालय’ माना जा सकता है, जहाँ फाइलें दफ्तरों से निकलकर सीधे फील्ड में मुख्यमंत्री के सामने होंगी ।

समृद्धि यात्रा :जनता के लिए क्या है खास?

समृद्धि यात्रा आम नागरिकों के लिए अपनी बात सरकार तक पहुँचाने का सुनहरा मौका है। सरकार का प्रयास है कि ‘सात निश्चय-3.0‘ के तहत ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाए और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलें । मुख्यमंत्री इस दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक बिना किसी बाधा के पहुँच रहा है या नहीं ।

मुख्यमंत्री की यह 17वीं यात्रा बिहार को ‘विकसित बिहार’ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है । जहाँ विपक्षी दल इसे राजनीतिक जमीन बचाने की कवायद कह रहे हैं, वहीं सरकार का मानना है कि जनता के बीच जाकर ही विकास की असली तस्वीर साफ होती है । 24 जनवरी को वैशाली में पहले चरण के समापन के बाद, राज्य सरकार दूसरे चरण के कार्यक्रम की घोषणा करेगी ।

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