बिहार की राजनीति में जहाँ ‘परिवारवाद’ की चर्चा हमेशा गरम रहती है, वहीं एक चेहरा ऐसा भी है जो मुख्यमंत्री का बेटा होने के बावजूद दशकों तक लाइमलाइट से दूर रहा। हम बात कर रहे हैं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इकलौते बेटे निशांत कुमार की।
निशांत कुमार अपनी सादगी, इंजीनियरिंग की डिग्री और आध्यात्मिक झुकाव के लिए जाने जाते हैं। साल 2025 के राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद अब वे एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। आइए जानते हैं उनकी शिक्षा, संपत्ति और जीवन के अनछुए पहलुओं के बारे में।

निशांत कुमार का जन्म और प्रारंभिक जीवन
निशांत कुमार का जन्म 20 जुलाई 1975 को बिहार में हुआ था । उनके पिता नीतीश कुमार बिहार के कद्दावर नेता हैं, जबकि उनकी माता स्वर्गीय मंजू सिन्हा एक स्कूल शिक्षिका थीं । निशांत का बचपन पटना में बीता, लेकिन एक स्कूली घटना ने उनके जीवन की दिशा बदल दी।
खबरों के अनुसार, पटना के ‘सेंट कैरेंस स्कूल’ में एक शिक्षक द्वारा दी गई शारीरिक सजा की वजह से उन्हें चोट लग गई थी । इसके बाद नीतीश कुमार ने उन्हें पटना के शोर-शराबे से दूर मसूरी के ‘मानव भारती इंडिया इंटरनेशनल स्कूल’ (बोर्डिंग स्कूल) भेज दिया । यहाँ से उनकी शुरुआती शिक्षा पूरी हुई और बाद में उन्होंने पटना के केंद्रीय विद्यालय से माध्यमिक शिक्षा प्राप्त की ।
शिक्षा और करियर: सॉफ्टवेयर इंजीनियर निशांत
निशांत कुमार ने अपने पिता की तरह ही इंजीनियरिंग का रास्ता चुना। उन्होंने झारखंड के प्रतिष्ठित संस्थान बीआईटी मेसरा (BIT Mesra) से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में स्नातक (B.Tech) की डिग्री हासिल की । एक मुख्यमंत्री का बेटा होने के बावजूद, उन्होंने कभी सत्ता का सहारा नहीं लिया और अपनी पहचान एक पढ़े-लिखे प्रोफेशनल के तौर पर बनाई ।
निशांत कुमार का आध्यात्मिकता से गहरा लगाव
निशांत कुमार का जीवन लग्जरी से कहीं ज्यादा सादगी और भक्ति की ओर मुड़ा हुआ है। साल 2007 में उनकी माता मंजू सिन्हा के निधन के बाद वे काफी एकांतप्रिय हो गए । वे भगवान कृष्ण के बड़े भक्त हैं और अपना ज्यादातर समय भजन सुनने और आध्यात्मिक ग्रंथों के अध्ययन में बिताते हैं ।
हाल ही में वे पटना के एक बाजार में ब्लूटूथ स्पीकर खरीदते हुए दिखे थे। जब उनसे पूछा गया कि वे राजनीति में कब आएंगे, तो उन्होंने बहुत सादगी से जवाब दिया, “मैं तो बस कृष्ण भजन सुनने के लिए अच्छा स्पीकर लेने आया हूँ” । वे अक्सर ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ के मार्ग पर चलने की बात करते हैं ।
संपत्ति: पिता से ज्यादा अमीर हैं निशांत
एक दिलचस्प तथ्य यह है कि निशांत कुमार अपने पिता नीतीश कुमार से कहीं ज्यादा संपत्ति के मालिक हैं । सरकारी आंकड़ों के अनुसार, नीतीश कुमार की कुल संपत्ति जहाँ करीब ₹1.64 करोड़ है, वहीं निशांत के पास ₹3.61 करोड़ से ज्यादा की चल-अचल संपत्ति है ।
उनकी इस संपत्ति का मुख्य हिस्सा उनकी माता मंजू सिन्हा से मिली विरासत है। इसमें उनकी माता के रिटायरमेंट लाभ, बैंक बैलेंस, गहने और नालंदा के पैतृक गाँव कल्याण बीघा की जमीन शामिल है ।
2024-2025: राजनीति में आने की आहट?
निशांत कुमार ने हमेशा कहा है कि उन्हें राजनीति की न तो समझ है और न ही इसमें कोई रुचि । वे नीतीश कुमार के ‘परिवारवाद’ के खिलाफ सिद्धांतों का सम्मान करते आए हैं । लेकिन, 2024 और 2025 में कुछ बदलाव देखे गए:
- बख्तियारपुर में सार्वजनिक अपील: जनवरी 2025 में उन्होंने पहली बार सार्वजनिक रूप से लोगों से अपने पिता के लिए वोट मांगे और उन्हें ‘100% फिट’ बताया ।
- 10वीं बार शपथ ग्रहण: नवंबर 2025 में जब नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, तो निशांत उनके साथ खड़े दिखे और इस जीत को महिलाओं के सशक्तिकरण की जीत बताया ।
- पार्टी की मांग: जेडीयू के कई वरिष्ठ नेता जैसे संजय झा का मानना है कि निशांत एक शिक्षित और साफ छवि वाले युवा हैं और यदि वे राजनीति में आते हैं, तो पार्टी को मजबूती मिलेगी ।
निशांत कुमार आज भी एक रहस्यमयी लेकिन सम्मानित व्यक्तित्व बने हुए हैं। जहाँ अन्य नेताओं के बेटे राजनीति में आने के लिए उतावले रहते हैं, वहीं निशांत का झुकाव समाज सेवा और भक्ति की ओर ज्यादा दिखता है । क्या वे भविष्य में जेडीयू की कमान संभालेंगे? इसका फैसला अभी निशांत को खुद करना है, लेकिन बिहार की जनता उन्हें एक ‘शिक्षित और सुलझे हुए उत्तराधिकारी’ के रूप में जरूर देखती है ।

















