बिहार सरकार ने अपने नागरिकों की सुविधा के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली के ‘बिहार भवन’ की तर्ज पर अब देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी एक भव्य और आधुनिक बिहार भवन (Bihar Bhavan Mumbai) का निर्माण होने जा रहा है। यह प्रोजेक्ट न केवल प्रशासनिक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि मुंबई में इलाज कराने आने वाले बिहार के हजारों मरीजों के लिए एक बहुत बड़ा सहारा साबित होगा।

प्रोजेक्ट का बजट और स्थान
बिहार कैबिनेट ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए ₹314.20 करोड़ के बजट को मंजूरी दे दी है । यह शानदार इमारत मुंबई के एलफिंस्टन एस्टेट (मुंबई पोर्ट ट्रस्ट एरिया) में बनाई जाएगी । इस प्रोजेक्ट के लिए लगभग 0.68 एकड़ जमीन आवंटित की गई है ।
इमारत की खासियतें और डिजाइन
मुंबई में जमीन की कमी को देखते हुए इस भवन को वर्टिकल यानी बहुमंजिला बनाया जा रहा है।
- ऊंचाई: यह भवन लगभग 30 मंजिला होगा, जिसमें बेसमेंट की सुविधा भी शामिल है ।
- कुल ऊंचाई: जमीन से इसकी ऊंचाई करीब 69 मीटर होगी ।
- आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर: भवन का निर्माण बिहार सरकार का भवन निर्माण विभाग (Building Construction Department) कर रहा है ।
बिहार भवन मुंबई :कैंसर मरीजों के लिए विशेष इंतजाम
इस प्रोजेक्ट का सबसे महत्वपूर्ण और मानवीय पहलू बिहार से मुंबई आने वाले मरीजों की मदद करना है। हर साल बिहार से हजारों लोग कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मुंबई के टाटा मेमोरियल अस्पताल (TMH) आते हैं। मुंबई में रहने का खर्च बहुत ज्यादा होने के कारण गरीब परिवारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
- 240 बेड की डॉर्मिटरी: भवन में विशेष रूप से मरीजों और उनके परिजनों के लिए 240 बेड की डॉर्मिटरी बनाई जाएगी।
- मेडिकल रूम और कैफेटेरिया: यहां मरीजों के लिए एक समर्पित मेडिकल रूम और किफायती भोजन के लिए कैफेटेरिया की सुविधा भी होगी ।
- अधिकारियों के लिए सुविधा: इसके अलावा सरकारी अधिकारियों और प्रतिनिधियों के ठहरने के लिए 178 कमरे बनाए जाएंगे ।
बिहार भवन मुंबई:स्मार्ट पार्किंग और अन्य सुविधाएं
मुंबई में पार्किंग एक बड़ी समस्या है, जिसे ध्यान में रखते हुए इस भवन में हाई-टेक व्यवस्था की गई है।
- सेंसर आधारित स्मार्ट पार्किंग: यहां सेंसर वाली ट्रिपल और डबल-डेकर स्मार्ट पार्किंग होगी, जिसमें एक साथ 233 वाहन खड़े किए जा सकेंगे ।
- कॉन्फ्रेंस हॉल: प्रशासनिक बैठकों के लिए इसमें 72 सीटों वाला एक आधुनिक कॉन्फ्रेंस हॉल भी बनाया जाएगा ।
वर्तमान में उपलब्ध सुविधाएं
जब तक नई इमारत बनकर तैयार नहीं हो जाती, तब तक बिहार के प्रवासियों के लिए बिहार फाउंडेशन (Bihar Foundation) मुंबई चैप्टर सहायता प्रदान कर रहा है।
- पता: बिहार फाउंडेशन वर्तमान में MTNL बिल्डिंग, बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) के ग्राउंड फ्लोर से संचालित होता है।
- RTPS केंद्र: यहां बिहार के नागरिकों के लिए RTPS (लोक सेवा केंद्र) भी है, जहां से वे अपने जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर सकते हैं ।
भोजन का स्वाद: असली बिहारी जायका
दिल्ली के बिहार भवन की तरह ही मुंबई के भवन में भी बिहारी व्यंजनों का स्वाद मिलेगा। यहाँ के कैंटीन में लिट्टी-चोखा, सत्तू पराठा, काले चने की घुघनी, और चंपारण मटन जैसे व्यंजन उपलब्ध होने की उम्मीद है, जो प्रवासी बिहारियों को घर जैसा महसूस कराएंगे ।
बिहार भवन मुंबई :राजनीतिक चर्चा और विरोध
इस प्रोजेक्ट को लेकर मुंबई में कुछ राजनीतिक विरोध भी देखने को मिला है। MNS और शिवसेना (UBT) जैसे दलों का कहना है कि पोर्ट ट्रस्ट की जमीन का उपयोग स्थानीय लोगों की सुविधाओं के लिए होना चाहिए । वहीं, BJP ने इस प्रोजेक्ट का समर्थन करते हुए इसे ‘सहकारी संघवाद’ का हिस्सा बताया है, क्योंकि महाराष्ट्र के भी भवन दिल्ली और अयोध्या जैसे शहरों में बने हुए हैं ।
मुंबई में बिहार भवन का निर्माण राज्य की प्रगति और जन-कल्याण की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह भवन केवल ईंट और पत्थर की इमारत नहीं, बल्कि उन हजारों कैंसर मरीजों की उम्मीद है जो इलाज के लिए मुंबई की सड़कों पर संघर्ष करते हैं। आधुनिक सुविधाओं से लैस यह 30 मंजिला इमारत आने वाले समय में मुंबई में बिहार की एक सशक्त पहचान बनेगी।
















