केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट 2026-27 में बिहार के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि और कनेक्टिविटी पर विशेष जोर दिया गया है। “पूर्वोदय” विजन के तहत बिहार को पूर्वी भारत के एक प्रमुख आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की गई है ।
1. कनेक्टिविटी और परिवहन
बिहार में सफर और व्यापार को आसान बनाने के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है:
- वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल: देश के 7 नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर में से एक बिहार से होकर गुजरेगा । यह कॉरिडोर बक्सर, आरा, पटना, कटिहार और किशनगंज जैसे प्रमुख स्टेशनों को जोड़ेगा, जिससे वाराणसी से सिलीगुड़ी का सफर घंटों में पूरा होगा ।
- पटना में शिप रिपेयर सेंटर: गंगा नदी के किनारे पटना और वाराणसी में जहाजों की मरम्मत के लिए इकोसिस्टम तैयार किया जाएगा । इससे जलमार्ग से माल ढुलाई सस्ती होगी और स्थानीय रोजगार बढ़ेगा ।
- बिहटा एयरपोर्ट प्रोजेक्ट: पटना के बढ़ते हवाई ट्रैफिक को देखते हुए ₹459 करोड़ की लागत से बिहटा एयरपोर्ट का विकास किया जाएगा, जिसे 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है ।
2. कृषि और सिंचाई :बजट 2026 में बिहार के लिए घोषणाएं
बिहार की खेती और किसानों के लिए यह बजट ऐतिहासिक रहा है:
- राष्ट्रीय मखाना बोर्ड (Purnea): बिहार की 90% मखाना उत्पादन हिस्सेदारी को देखते हुए पूर्णिया में मखाना बोर्ड का मुख्यालय बनाया गया है । इसके लिए ₹476 करोड़ की एक विशेष केंद्रीय योजना शुरू की गई है ।
- कोसी-मेची नदी जोड़ो परियोजना: उत्तर बिहार को बाढ़ से बचाने और सिंचाई के लिए ₹6,282 करोड़ के इस प्रोजेक्ट को रफ्तार दी गई है, जिसमें ₹3,652 करोड़ की मदद केंद्र सरकार दे रही है । इससे सीमांचल के जिलों में 2.15 लाख हेक्टेयर जमीन को पानी मिलेगा ।
3. शिक्षा और महिला सशक्तिकरण : बजट 2026 में बिहार के लिए घोषणाएं
- हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल: उच्च शिक्षा (STEM) प्राप्त कर रही बेटियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए बिहार के सभी 38 जिलों में गर्ल्स हॉस्टल बनाए जाएंगे ।
- IIT पटना का विस्तार: संस्थान में हॉस्टल और रिसर्च क्षमता बढ़ाने के लिए बजट में विशेष प्रावधान किया गया है ।
- SHE-Marts: ग्रामीण महिलाओं को उद्यमी बनाने के लिए कम्युनिटी रिटेल आउटलेट्स (SHE-Marts) की स्थापना की जाएगी ।
4. धार्मिक पर्यटन और शहरों का विकास
- मंदिर कॉरिडोर: गया में विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर और बोधगया में महाबोधि मंदिर कॉरिडोर को काशी विश्वनाथ की तर्ज पर विकसित किया जाएगा ।
- सिटी इकोनॉमिक रीजन (CER): 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों जैसे पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और दरभंगा को ‘सिटी इकोनॉमिक रीजन’ के रूप में विकसित करने के लिए ₹5,000 करोड़ (प्रति क्षेत्र) का फंड 5 सालों के लिए प्रस्तावित है ।
5. टैक्स में बड़ी हिस्सेदारी : बजट 2026 में बिहार के लिए घोषणाएं
16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर केंद्र ने राज्यों को मिलने वाले टैक्स का हिस्सा 41% बरकरार रखा है । इसमें बिहार की हिस्सेदारी 9.9% तय की गई है, जिससे राज्य सरकार को विकास कार्यों के लिए अधिक फंड मिलेगा ।


















