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बिहार में ‘मुल्तान के सुल्तान’ : वीरेंद्र सहवाग और सम्राट चौधरी की मुलाकात के क्या हैं मायने?

बिहार की राजधानी पटना में आज (24 दिसंबर 2025) क्रिकेट प्रेमियों और सियासी गलियारों में एक अलग ही उत्साह देखने को मिला। जब भारतीय क्रिकेट के पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज और “मुल्तान के सुल्तान” के नाम से मशहूर वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) पटना की धरती पर उतरे, तो उनका स्वागत ठीक उसी अंदाज में हुआ जिसके लिए बिहार जाना जाता है—गर्मजोशी और सम्मान के साथ। सहवाग का यह दौरा सिर्फ एक शिष्टाचार भेंट नहीं थी, बल्कि इसके पीछे बिहार में खेल के भविष्य को लेकर एक बड़ी तस्वीर छिपी हुई है।

इस दौरान उनकी सबसे महत्वपूर्ण मुलाकात बिहार के उपमुख्यमंत्री और बीजेपी के कद्दावर नेता सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) से उनके सरकारी आवास पर हुई। आइए, विस्तार से जानते हैं कि इस मुलाकात में क्या खास रहा और बिहार के युवाओं के लिए यह खबर क्यों अहम है।

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सम्राट चौधरी के आवास पर ‘वीरू’ की धमाकेदार एंट्री

मंगलवार की सुबह जब वीरेंद्र सहवाग डिप्टी सीएम के आवास पर पहुंचे, तो वहां का माहौल देखने लायक था। सम्राट चौधरी ने सहवाग का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। उन्हें अंगवस्त्र (शॉल) और स्मृति चिह्न भेंट किया गया।

मुलाकात के बाद सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि वीरेंद्र सहवाग लाखों युवाओं के आदर्श हैं। उन्होंने सहवाग को एक ऐसे स्टार क्रिकेटर के रूप में याद किया जिन्होंने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से दुनिया भर में भारत का मान बढ़ाया है। दोनों दिग्गजों की यह तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।

मुलाकात का एजेंडा: बिहार में खेल और क्रिकेट का विकास

बंद कमरे में हुई इस मुलाकात का मुख्य मुद्दा ‘क्रिकेट’ और बिहार का ‘युवा’ था। सूत्रों और आधिकारिक बयानों के मुताबिक, दोनों के बीच बिहार में खेल की संभावनाओं पर लंबी चर्चा हुई।

  1. खेल अवसंरचना (Infrastructure): बिहार में वर्ल्ड क्लास स्टेडियम और ट्रेनिंग सुविधाओं की कमी अक्सर खलती रही है। इस मुलाकात में राज्य में क्रिकेट को बढ़ावा देने और नई प्रतिभाओं को तराशने पर बात हुई।
  2. सरकारी योजनाओं का प्रभाव: सम्राट चौधरी ने सहवाग को बिहार सरकार की महत्वकांक्षी योजना मेडल लाओ, नौकरी पाओ के बारे में जानकारी दी। यह योजना हरियाणा मॉडल की तर्ज पर ही है, जिससे सहवाग भी भली-भांति परिचित हैं। इसके तहत अब बिहार सरकार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को सीधे ‘अफसर’ बना रही है।

11 जनवरी 2026: बिहार के लिए बड़ी तारीख

सहवाग के इस दौरे का एक बड़ा कारण आगामी लीजेंड्स लीग क्रिकेट (Legends League Cricket – LLC) भी है। क्रिकेट फैंस के लिए खुशखबरी यह है कि बिहार अब बड़े मैचों की मेजबानी के लिए तैयार हो रहा है।

आगामी 11 जनवरी 2026 को बिहार में लीजेंड्स लीग का मैच खेला जाना है। इसमें वीरेंद्र सहवाग समेत दुनिया भर के कई पूर्व दिग्गज क्रिकेटर मैदान पर चौके-छक्के लगाते नजर आएंगे। सहवाग का यह दौरा उसी आयोजन की तैयारियों और ‘बिल्ड-अप’ का हिस्सा माना जा रहा है। सरकार चाहती है कि इस आयोजन के जरिए बिहार की एक सकारात्मक छवि (Branding) दुनिया के सामने जाए।

“पढ़ोगे-लिखोगे बनोगे…” – बदलती सोच

बिहार में दशकों से एक कहावत प्रचलित थी—”पढ़ोगे-लिखोगे बनोगे नवाब, खेलोगे-कूदोगे बनोगे खराब।” लेकिन अब यह सोच बदल रही है। बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह (जो खुद एक अंतरराष्ट्रीय शूटर हैं) और वर्तमान एनडीए सरकार ने इस नारे को पलट दिया है।

सहवाग जैसे आइकन का बिहार आना और सरकार के साथ मिलकर काम करना युवाओं को यह संदेश देता है कि खेल में भी शानदार करियर संभव है। सम्राट चौधरी ने भी जोर देकर कहा कि सरकार युवाओं को खेल के मैदान से लेकर नौकरी के नियुक्ति पत्र तक, हर कदम पर साथ दे रही है।

सोशल मीडिया पर उठी भागलपुर की मांग

जैसे ही सहवाग और सम्राट चौधरी की तस्वीरें सामने आईं, बिहार के क्रिकेट फैंस ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दीं। जहां अधिकांश लोग इस मुलाकात से खुश थे, वहीं कई यूजर्स ने बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) के मुख्यालय को पटना से भागलपुर शिफ्ट करने की मांग भी उठा दी। फैंस का कहना है कि जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को मौका मिलना चाहिए और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए। सहवाग की मौजूदगी ने इन मांगों को और हवा दे दी है।

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